कृषि की मानसून पर निर्भरता कम करने और हर खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से 1 जुलाई , 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति ' ( CCEA ) ने ' प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ( PMKSY ) को स्वीकृति प्रदान की थी । प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में वर्तमान में संचालित योजनाओं जैसे - जल संसाधन , नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम ( AIBP ) , भूमि संसाधन विभाग के ‘ समेकित वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम ' ( IWMP ) तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग के ' खेत पर जल प्रबंधन ' ( OFWM ) को मिला दिया गया है ।
उद्देश्य:- क्षेत्रीय स्तर पर सिंचाई में निवेश में एकरूपता लाना
खेतों में जल की पहुंच को बढ़ाना तथा सुनिश्चित सिंचाई ( हर खेत को पानी ) के तहत कृषि क्षेत्र का विस्तार
उचित प्रौद्योगिकियों एवं पद्धतियों के माध्यम से जल के बेहतर उपयोग के लिए जल संसाधन का समेकन , वितरण एवं दक्ष उपयोग ।
समय एवं परिमाण दोनों दृष्टि से अपशिष्ट में कमी एवं उपलब्धता में वृद्धि हेतु खेत में जल उपयोग क्षमता में सुधार ।
परिशुद्ध सिंचाई एवं जल बचत प्रौद्योगिकियों ( प्रति बूंद अधिक फसल ) को अपनाना ।
जलभराव में वृद्धि एवं सतत जल संरक्षण पद्धतियों की शुरुआत ।
वर्षा सिंचित क्षेत्रों के समेकित विकास हेतु वाटरशेड विकास
परि-शहरी कृषि ( Peri - UrbanAgriculture ) के लिए अपशिष्ट शहरी जल ( Municipal Waste Water ) को उपचारित कर उसके पुनर्पयोग की संभाव्यता का पता लगाना ।
सिंचाई में अधिक निजी निवेश को आकर्षित करना ।