विरल रोगों के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना के विषय में जानकारी

हाल ही में सरकार के द्वारा विरल रोगों के निवारण के लिए एक मुस्त सरकारी आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है इस प्रस्ताव को स्थाई वित्त समिति के द्वारा अनुमोदित किया गया है  इस प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रीय आरोग्य निधि नामक एक बहुआयामी योजना को मंजूरी प्रदान की गई है यह उन गरीब लोगों के लिए ज्यादा लाभदायक है जो गरीबी रेखा के नीचे हैं गरीबी रेखा के नीचे लोगों को विशेष अविरल रोगों के उपचार के लिए सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता दी जाएगी।
            संविधान की धारा 21 ,38 ,47 के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के महत्व को दर्शाया गया है अतः यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि देश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ विश्वसनीय और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाए इसलिए इस योजना को राष्ट्रीय नीति की आवश्यकता पड़ी।।

      क्या  है विरल रोग ?
      
- यह एक ऐसा रोग है जो एक जनसंख्या की एक छोटे  हिस्से को प्रभावित करता है ।
- यूरोप में विरल रोग 2000 नागरिकों में से एक नागरिक को प्रभावित करने वाले रोग को कहा जाता है।
-  इस रोग को 'अनाथ रोग' के नाम से भी जाना जाता है अधिकांश विरल रोग अनुवांशिक रोग भी होते हैं जो रोगी के पूरे जीवनकाल में चलते रहते हैं कुछ लोगों में रोग के लक्षण तुरंत नहीं दिखाई देते।
-  भारत में प्रचलित कुछ विरल रोग जैसे - हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, एनीमिया और बच्चों में प्राथमिक प्रतिरक्षा की कमी , गोचर डिजीज , सिस्टिक फाइब्रोसिस , पोम्पे डिजीज।
-  कभी-कभी विरल रोगों के लक्षण भिन्न प्रकार के होते हैं जो एक ही रोग से ग्रस्त व्यक्ति में अलग-अलग लक्षण प्रदर्शित करते हैं।

Posted on by