• जलवायु परिवर्तन को लेकर लंदन में पिछले 11 दिनों तक चले कड़े विरोध प्रदर्शन के बाद ब्रिटेन की संसद ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर आपातकाल घोषित कर दिया है। ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश बन गया। खास बात यह रही कि इस आशय का प्रस्ताव विपक्ष की तरफ से पेश किया गया।
• ब्रिस्टल काउंसलर कार्ला डेनियर ने पहली बार जलवायु आपातकाल घोषित करने के विचार को सामने रखा और नवंबर में नगर परिषद ने प्रस्ताव पारित किया। संसद द्वारा जलवायु आपात स्थिति घोषित करने से पहले ही ब्रिटेन के दर्जनों कस्बों और शहरों ने जलवायु आपात स्थिति घोषित कर दी थी।
• लोगों का कहना है कि वे 2030 तक कार्बन न्यूट्रल होना चाहते हैं। यानी उतना ही कार्बन उत्सर्जित हो जिसे प्राकृतिक रूप से समायोजित किया जा सके। कुछ स्थानीय परिषदों ने उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इलेक्टिक कार हब शुरू करने का वादा किया है।