किसी स्थापित व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करना ही साधारण अर्थों में क्रांति है। क्रांतियों के विभिन्न प्रकार जैसे धार्मिक क्रांति आर्थिक क्रांति सामाजिक क्रांति राजनीतिक क्रांति और औद्योगिक क्रांति आदि हैं। जिसमें से औद्योगिक क्रांति को परिभाषित करते हुए कहा जा सकता है की "उत्पादन के साधनों में आमूलचूल परिवर्तन हो जाना ही औद्योगिक क्रांति है"।
जब वैज्ञानिक आविष्कार नहीं हुए थे तब विभिन्न प्रकार की वस्तुएं हाथों द्वारा बनाई जाती थी परंतु नई नई मशीनों के आविष्कार के परिणाम स्वरूप हाथ का स्थान मशीनों ने ले लिया। और इस प्रकार अब मशीनों द्वारा वस्तुओं का प्रचार उत्पादन किया जाने लगा।हाथों द्वारा बनाई गई वस्तुओं के स्थान पर आधुनिक मशीनों के द्वारा व्यापक स्तर पर निर्माण की प्रक्रिया को ही औद्योगिक क्रांति का नाम दिया जाता है।उद्योगों की प्राचीन परंपरागत और धीमी गति को छोड़कर नए वैज्ञानिक तथा तीव्र गति से उत्पादन करने वाले यंत्रों में मशीनों का प्रयोग किया जाना ही औद्योगिक क्रांति का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
18वीं शताब्दी के अंत में इंग्लैंड में परिवर्तन की प्रक्रिया की शुरुआत हुई। इस समय उत्पादन की तकनीक की और संगठन में आश्चर्यजनक परिवर्तन हुए। यह परिवर्तन इतने प्रभावी और तेज गति से हुए की ने क्रांति का नाम दिया गया। औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप बड़े बड़े उद्योगों का आरंभ हुआ।औद्योगिक क्रांति का प्रारंभ सबसे पहले इंग्लैंड में हुआ माना जाता है।
इस अभी समय इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति के लिए
परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल थी। इंग्लैंड के वैज्ञानिकों के अविष्कारों ने औद्योगिक क्रांति को सरल बना दिया तथा इंग्लैंड में खनिज संपदाओं जैसे कोयला और लोहा के असीमित भंडार क्रांति के सफलता के उत्तरदाई कारण थे।