औद्योगिक क्रांति के महत्वपूर्ण कारण निम्नवत् हैं-
लोहे और कोयले की उपलब्धता- किसी भी उद्योग में मशीनों के निर्माण के लिए लोहा और उन्हें चलाने के लिए कोयले की आवश्यकता होती है और इसी की उपलब्धता ने वहां औद्योगिकरण को सफल बनाया।
यातायात एवं आवागमन की सुविधा- मोटर एवं इंजन के आविष्कार से यातायात में सुविधा हो गई कच्चा तथा पक्का माल एक स्थान से दूसरे स्थान को ले जाने की सुगमता से उद्योगों को प्रोत्साहन मिला।
उपनिवेशों की स्थापना- नवीन भौगोलिक खोजों के परिणाम स्वरुप कुछ ही समय में इंग्लैंड, फ्रांस ,स्पेन और हालैंड जैसे यूरोपीय देशों में संसार के कोने-कोने में अपने उपनिवेश स्थापित कर लिए। जिससे आवश्यकता से अधिक उत्पादन को बेचने का बाजार भी उपलब्ध हो गया।
सस्ती दर पर कच्चे माल की प्राप्ति- उपनिवेशों की स्थापना के बाद इन देशों को अपने उपनिवेश ओं से सस्ती दर पर कच्चा माल प्राप्त होने लगा।
व्यापारिक प्रतिस्पर्धा- यूरोप के देशों में औद्योगिकरण के परिणाम स्वरुप व्यापारिक प्रतिस्पर्धा उत्पन्न हो गई।फल स्वरूप सभी औद्योगिक देश अधिक उत्पादन करके अधिक से अधिक माल बेचकर अधिक लाभ कमाने का प्रयास करने लगे और बड़ी से बड़ी मशीनों की स्थापना की जिससे औद्योगिक क्रांति को बल मिला।
सरकार की अनुकूल नीतियां- इंग्लैंड की सरकार ने उद्योग व व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए कई अनुकूल कानून बनाएं। इंग्लैंड यूरोपी संघर्षों में उतना ही सम्मिलित हुआ जितना उसके व्यापारिक हितों की पूर्ति के लिए आवश्यक था।