दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 : लोक अभियोजक - 01

  • धारा 24 में उच्च न्यायालय एवं जिला में लोक –अभियोजक एवं अपर लोक-अभियोजक की नियुक्ति तथा उनकी अर्हताओं के बारे में प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार या केन्द्र सरकार उच्च न्यायालय के परामर्श से उस उच्च न्यायालय के लिए एक लोक अभियोजक तथा अपर लोक अभियोजक की नियुक्ति कर सकेगी। उपधारा 8 के अधीन केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार किसी मामले या किसी श्रेणी के मामले के प्रायोजन के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को जिसने कम से कम दस वर्ष विधि व्यवस्था का कार्य किया हो, विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त कर सकती है।
  • केवल उसी व्यक्ति को लोक अभियोजक तथा अपर अभियोजक के पद पर नियुक्त किया जा सकेगा जिसने कम से कम सात वर्ष अधिवक्ता के रूप में विधि व्यवसाय किया हो। “अधिवक्ता” शब्द से तात्पर्य अधिवक्ता अधिनियम. 1961 की धारा 2 में यथापरिभाषित अधिवक्ता से है। सत्र न्यायालय में अभियोजन के संचालन हेतु जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त किये गये किसी भी व्यक्ति को धारा 321 के अधीन मामले को वापस लेने के संबंध में लोक अभियोजक की शक्ति नहीं होगी। सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में अभियोजन के संचालन हेतु नियुक्त किया गया व्यक्ति लोक अभियोजक की भांति आपराधिक अधिकारिता का प्रयोग मूल रूप से कर सकेगा।

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