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Sudhanshu Kumar Mishra
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भारतीय दण्ड संहिता : प्रस्तावना
प्रस्तावना
प्रस्तावना में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत में एक निश्चित दण्ड व्यवस्था प्रचलित करने के लिए एक दण्ड विधि की आवश्यकता है इसलिए भारत में दण्ड व्यवस्था के संचालन के लिए एक दण्ड संहिता का निर्माण किया जाए।
भारतीय दण्ड संहिता की
धारा 1
में संहिता का नाम और उसके प्रवर्तन के विस्तार का उल्लेख किया गया है।
धारा 1 के अनुसार यह अधिनियम भारतीय दण्ड संहिता , 1860 कहलायेगा और इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर होगा। जम्मू-कश्मीर राज्य में इस संहिता से काफी मिलता-जुलता
‘
रणवीर दण्ड संहिता
’
का अस्तित्व है।
‘
भारत
’
शब्द को भारतीय दण्ड संहिता की
धारा 18
में परिभाषित किया गया है, जिसके अनुसार जम्मू-कश्मीर राज्य को इस शब्द से अलग रखा गया है। इसे भारतीय संविधान के
अनुच्छेद 1
तथा
अनुसूची 1
का उल्लंघन नही माना जाना चाहिये।
1974 में जम्मु-कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति फजल अली ने
‘
वीरेंद्र सिंह बनाम जनरल ऑफिसर कमांडिंग
(1974 जम्मु-कश्मीर लॉ.रि. 10) के मामले में विनिश्चित किया गया कि ‘भारत की परिभाषा में शब्दावली ‘जम्मू-कश्मीर के सिवाय, का उल्लेख होना स्वयं इस भू-प्रदेश के अस्तित्व का सूचक है। क्योंकि संविधान की अनुसूची 1 में जम्मू-कश्मीर को भारत के भू-प्रदेश के अन्तर्गत रखा गया है। इस धारा (धारा 18) में इसके अपवर्जन का अर्थ केवल यह है कि भारतीय दण्ड संहिता के लागू किये जाने के प्रयोजनार्थ जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं माना गया है। परन्तु इसका आशय उअह कदापि नहीं है कि जम्मू-कश्मीर एक विदेशी भू-भाग है।
भारतीय दण्ड संहिता
, 1860
के प्रवर्तन की तिथि
(Date of Implement)
1
जनवरी
, 1862
है।
यद्यपि भारतीय दण्ड संहिता को पारित होने के बाद
6 अक्टूबर
, 1860
को ही अनुमति मिल गयी थी।
भारतीय दण्ड संहिता में मूलतः 488 धारायें थीं किन्तु वर्तमान समय में अब
511 धारायें
एवं
23 अध्याय
है। सबसे छोटा अध्याय 23 है, जिसमें केवल एक धारा (धारा 511) है जबकि सबसे बड़ा अध्याय 17 है जिसमें धारा 378 से धारा 463 तक यानि कुल 85 धारायें है।
दुराशय (Mens-rea) को निम्न शब्दों द्वारा स्पष्ट किया जाता है –
आशय से (Intentionally),
जानबूझकर (Knowingly),
स्वेच्छा से (Voluntarily),
धोखे से (Fraudulently),
बेईमानी से (Dishonestly),
विद्वेषपूर्वक (Malignantly),
दूषित रीति से (Corruptly)
Sudhanshu Mishra
Medium-Hindi
Indian Penal Code (IPC)
Law
PCS (J)
APO
ADPO
Civil Judge
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