बहुलक

वह प्रक्रम जिसमें बड़ी संख्या में सरल और एक दूसरे से सहयोग करके उच्च अणु भार का एक वृहत अणु बनाते हैं, बहुलीकरण कहलाता है तथा इस प्रकम के फलस्वरुप बने उच्च अणुभार के यौगिक को बहुलक कहते हैं। जिन सरल अणु के संयोजन से बहुलक बनता है, एकलक कहलातें हैं। 

* पॉलीएथिलीन--- पॉलीथिन एथिलीन का उच्च बहुलक है।

* पालीएथिलीन ताप सुनम्य प्लास्टिक है। यह विद्युत आचालक, नम्य व जल प्रतिरोधी है। इसका उपयोग पैकिंग केेे लिए तथा जल से बचाव के लिए फिल्में व सीट बनाने में किया जाता है।

* टेफलॉन--- टेफलॉन या PTFE टेट्राफ्लोरोएथिलीन का उच्च बहुलक है।

* टेफलॉन रासायनिक रूप से निष्क्रिय एवं उष्मा प्रतिरोधी बहुलक है इसका गलनांक 330 डिग्री सेल्सियस है। टेफलॉन पर सांद्र नाइट्रिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल , हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, एक्वारेजिया, सांद्र सोडियम हाइड्रोक्साइड विलेन आदि का उच्च ताप पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़़ता है। टेफलॉन का उपयोग सांद्र अम्ल व दाहक द्रवों के भरने की केन बनाने तथा उष्मा व रासायनिक पदार्थों के प्रति स्थाई वस्तु जैसे गैस कट सील आदि बनाने में होता है। इसका उपयोग इंसुलेटिंग पदार्थ केे के रूप मेंं भी होता है टेफलॉन का पृष्ठठ बहुत चिकना होता है । उससे कोई वस्तु चिपकती नहीं है इस गुण के कारण कुकिंग के बर्तनों पर टेफलॉन का लेप किया जाता है।

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