*विस्फोटक --वह पदार्थ जो ताप घर्षण या उचित प्रकार के फल शुरू अपठित होकर प्रकाश ध्वनि तथा अत्यंत तेजी से फैलने वाली गैसों को उत्पन्न कर तीव्र विस्फोट उत्पन्न करते हैं विस्फोटक कहलाते हैं। एक अच्छे विस्फोटक पदार्थ में निम्न गुण होते हैं :-
1. विस्फोटक पदार्थ वाष्पशील नहीं होने चाहिए।
2. यह आद्रताग्राही नहीं होना चाहिए।
3. यह सस्ता तथा स्थाई होना चाहिए।
4. यह तीव्र विघटित होना चाहिए।
* कुछ विस्फोटक निम्न है
*TNT :- इसे टालविन पर सांद्रण नाइट्रिक अम्ल व सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है। यह हल्का पीला क्रिस्टली ठोस है। यह अत्यंत उच्च कोटि का विस्फोटक है। TNT का उपयोग बम बनाने तथा तारपिंडो को बनाने में करतेे हैं। इसका उपयोग अमोनियम नाइट्रेरेट के साथ मिलाकर विस्फोटक बनाने में करते हैंं ।
*TNG -- यह एक रंग हीन तैलीय द्रव है । इसे नोबेल तेल भी कहा जाता है। यह ग्लिसरीन पर सांद्रर नाइट्रिक अम्ल एवं सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है इसकीी सहायता डायनामाइट जैसेे महत्वपूर्ण विस्फोटक बनाए जाते हैं। यह स्वयं भी एक महत्वपूर्ण विस्फोटक है ।
* TNP -- इसे पिक्रिक अम्ल भी कहा जाता है यह फिनायल व सांद्र नाइट्रिक अम्ल की अभिक्रिया द्वारा बनाया जाता है यह हल्का पीला क्रिस्टलीय ठोस होता है। यह भी एक प्रचंड विस्फोटक है।
* डायनामाइट-- इसका अविष्कार अलफ्रेड नोबेल ने 1860 के दशक में किया था। इसे अक्रिय पदार्थ जैसे लकड़ी के बुरादे या कीजेलगूर में नाइट्रोग्लिसरीन को अवशोषित करा कर प्राप्त किया जाता है। इसका प्रयोग कुएं खोदने, सड़क बनाने , बांध बनाने, सुरंग बनाने, चट्टान तोड़ने आदि के लिए होता है। आधुनिक डायनामाइट में नाइट्रोग्लिसरीन के स्थान पर सोडियम नाइट्रेट का प्रयोग किया जाता है।