=> संविधान की दृष्टि से नागरिकता का महत्व
संविधान की दृष्टि से नागरिकता का बहुत अधिक महत्व है। ‘संवैधानिक अधिकार' नागरिकता प्राप्त व्यक्ति को प्राप्त होते हैं। भारतीय संविधान के भाग 2 में नागरिकता शीर्षक के अंतर्गत अनुच्छेद 5 से 11 में यह बताया गया है कि संविधान के लागू होने पर किन व्यक्तियों को भारतीय नागरिक माना जाएगा। नागरिकता ही किसी व्यक्ति को किसी विषय क्षेत्र का नागरिक बताती है। नागरिकता से व्यक्ति की पहचान होती है कि वह किस विशेष क्षेत्र से संबंधित है जैसे भारतीय नागरिकता प्राप्त व्यक्ति को भारतीय नागरिक , अमेरिकी नागरिकता प्राप्त व्यक्ति को अमेरिकी व्यक्ति के रूप में पहचाना जा सकता है।
भारतीय संविधान अपने नागरिकों को अधिकार, विशेष अधिकार प्रदान करता है जो विदेशियों को नहीं दिए जाते हैं जैसे-
1. मूलवंश, जाति, लिंग एवं जन्म स्थान के आधार पर नागरिकों में भेदभाव नहीं किया जाएगा। (अनुच्छेद 15)
2. लोक नियोजन (सरकारी सेवाओं) में अवसर की समानता। (अनुच्छेद 16)
3. विचार, अभिव्यक्ति एवं भाषण की स्वतंत्रता, संघ बनाने, सभा करने, भ्रमण करने, आवास, संपत्ति एवं पेशे की स्वतंत्रता। (अनुच्छेद 19)
4. वोट देने का अधिकार मताधिकार। (अनुच्छेद 326)
5. संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकार। (अनुच्छेद 29 एवं 30)
6. संसद की सदस्यता (अनुच्छेद 86) विधानमंडल की सदस्यता (अनुच्छेद 191)
7. विधानमंडल मंडल में निर्वाचित होने का अधिकार।
8. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, महान्यायवादी, उच्चतम न्यायालय, राज्यपाल, उच्च न्यायालय में न्यायाधीश आदि अन्य पदों पर निर्वाचित एवं पद ग्रहण करने की पात्रता एवं अधिकार।