भारतीय संविधान में नागरिकता के प्रावधान (part -2) :- पाकिस्तान से प्रवास पर नागरिकता


=> पाकिस्तान से प्रवास पर नागरिकता

इस प्रकार से दी जाने वाली नागरिकता को दो भागों में बांटा है
1. पाकिस्तान से भारत आने वाले प्रवासी
2. भारत से पाकिस्तान जाने वाले तथा फिर लौट कर आने वाले प्रवासी।

– पाकिस्तान से भारत आने वाले प्रवासी

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 6 में पाकिस्तान से भारत में प्रवर्जन (migration)  करने वाले कुछ व्यक्तियों को दो आधारों पर नागरिकता देने संबंधी प्रावधान किए गए हैं। इसमें प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति पाकिस्तान से भारत प्रव्रजन करता है तो वह भारत का नागरिक माना जाएगा यदि -
1. वह अथवा उसके माता-पिता में से कोई अथवा उसके दादा-दादी या नाना-नानी में से कोई भारत शासन अधिनियम 1935 में परिभाषित किए गए भारत में जन्मा था और वह 19 जुलाई 1948 से पहले भारत में इस प्रकार प्रवर्जन किया है अर्थात भारत आए थे तथा वह अपने प्रवर्जन की तारीख से भारत के राज्य क्षेत्र में मामूली तौर पर निवासी रहा है।
2. यदि उस व्यक्ति ने 19 जुलाई 1948 को या उसके बाद जो वर्जन किया है तो वह भारत का नागरिक माना जाएगा, यदि वह भारतीय डोमिनियन की सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप और नियम से संबंधित अधिकारी को आवेदन करें जो सरकार द्वारा संविधान के आरंभ होने से पहले इस कार्य के लिए नियुक्त किया गया है।आवेदन करने पर अधिकारी द्वारा उसे नागरिक के रूप में रजिस्ट्रीकृत कर लिया जाएगा, यदि वह व्यक्ति आवेदन की तारीख से कम से कम 6 महीने तक भारत के राज्य क्षेत्र में निवास कर रहा है।

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