जड़त्व (Intertia)
सभी वस्तु अपनी विराम अवस्था व एक समान गति अवस्था में किसी भी प्रकार के परिवर्तन का विरोध करती है। इसी गुण को ही वस्तु का जड़त्व कहते हैं। किसी वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होता है।
=> क्या जड़त्व किसी प्रकार का बल है?
नहीं जड़त्व किसी प्रकार का बल नहीं है। किसी वस्तु का जड़त्व उसी गति में लाने के लिए उस पर लगाए गए बल का विरोध नहीं करता। किसी वस्तु पर लगाया गया थोड़ा सा बल भी वस्तु को गति ला आ सकता है (यदि उस पर घर्षण शून्य हो)। जड़त्व वस्तु का वह गुण होता है जो यह निर्धारित करता है कि बल से वस्तु में कितना त्वरण उत्पन्न होगा। इस प्रकार जड़त्व प्रतिक्रिया से बिल्कुल अलग है।
जड़त्व के प्रकार (Types of Intertia )
A) विराम का जड़त्व (Intertia of rest )
जब कोई वस्तु अपनी विराम अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है अर्थात वस्तु अपनी विराम अवस्था में ही रहना चाहती हैं जिसके लिए वस्तुओं पर लगने वाले किसी भी बल का विरोध करती हैं तो उन्हें विराम का जड़त्व कहलाता है।
# विराम जड़त्व के उदाहरण
1. बस के अचानक चलने पर उसमें खड़ा यात्री पीछे की ओर गिर जाता है?
— इसके पीछे का कारण यह है कि जब बस अचानक चल देती है तो यात्री के शरीर का निचला हिस्सा बस के संपर्क में होने के कारण तुरंत गति में आ जाता है लेकिन वह ऊपरी हिस्सा विराम के जड़त्व के कारण गति में आने का विरोध करता है अर्थात विराम में ही रहने का प्रयास करता है। इसलिए यात्रियों का ऊपरी हिस्सा निचले हिस्से से पीछे रह जाता है। इसलिए यात्री पीछे की ओर गिर जाते हैं।
2. खिड़की के शीशे में पत्थर मारने से शीशा चटक जाता है जबकि बंदूक की गोली मारने से छेद हो जाता है?
— ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गोली का वेग ज्यादा होने के कारण शीशे के जिस भाग पर गोली लगती है तो वह और तुरंत गति में आ जाता है जबकि बचा हुआ भाग विराम के जड़त्व के कारण अपनी स्थिति बनाए रखता है जिससे शीशे में गोली मारने से छेद हो जाता है लेकिन पत्थर का वेग कम होने के कारण पत्थर शीशे को छेद कर उस पार जाने में समय अधिक लेता है जिसके कारण पूरा शीशा गतिमान हो जाता है और शीशा चटक जाता है।
3. किसी पेड़ की टहनी को हिलाने पर उसके फल फोन टूट कर नीचे गिर जाते हैं?
— जब किसी पेड़ की टहनी को हिलाया जाता है तो वह गति अवस्था में आ जाती है जबकि उसके फल-फूल विराम जड़त्व के कारण स्थिर ही रहते हैं जिससे वे शाखा से अलग हो जाते हैं और पृथ्वी के आकर्षण बल के कारण नीचे गिर जाते हैं।
4. कंबल को जोर से झटकने का पर धूल के कण अलग हो जाते हैं?
— कंबल को झटकने से पहले कंबल तथा धूल के कण विराम की स्थिति में रहते हैं। जब कंबल को झटका जाता है तो कंबल गति अवस्था में आ जाता है परंतु धूल के कण विराम जड़त्व के कारण विराम स्थिति (स्थिर) रहते हैं और अपने भर के कारण नीचे गिर जाता है।