जैव मंडल की रचना पर्यावरण के जैव तथा अजैव संघटक की परस्पर क्रिया के द्वारा होती है । पृथ्वी का समस्त वह भाग जिसमें जल स्थल जीवीय तथा अजीवीय घटक संयुक्त रूप से विद्यमान है जीवमंडल कहलाता है । इसे अंग्रेजी में बायोस्फीयर भी कहते हैं ।
जैवमंडल को चार भागों में बांटा जा सकता है।
1. जलमंडल या हाइड्रोस्फीयर
2. स्थलमंडल या लिथोस्फीयर
3. वायुमंडल या एटमॉस्फेयर
4. सजीव व जीव जगत
जलमंडल - पृथ्वी पर उपस्थित सभी जलाशय स्वच्छ जलीय जल स्रोत समुद्री जैसे महासागर, ज्वारनदमुख, झील, तालाब, जलधाराएं, नदियां आदि संयुक्त रूप से जल मंडल का निर्माण करते हैं । पृथ्वी की लगभग 71% सतह है जो जल से ढकी रहती है जल जल तंत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण प्रमुख घटक है।
स्थलमंडल - स्थलमंडल पृथ्वी की ठोस परत का बना हुआ है इसके अंतर्गत चट्टाने, मृदा, खनिज लवण आदि आते हैं खनिजों का मुख्य स्रोत स्थलमंडल ही है खनिज जो जैवमंडल के लिए बहुत ही आवश्यक घटक होते हैं।
वायुमंडल- यह जब मंडल का महत्वपूर्ण घटक है जल मंडल तथा स्थलमंडल गैसों से ढके रहते हैं इनमें भी जीव विद्यमान रहते हैं इसे वायुमंडल कहते हैं ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड नाइट्रोजन आदि गैसे जीवो को वायुमंडल से ही मिलती हैं जो जीवो के लिए नितांत आवश्यक है।
जीव जगत- जीवमंडल उपर्युक्त समस्त मंडलों में पाया जाता है पृथ्वी पर उपस्थित सजीवों में मानव, जीव, वनस्पति, तथा सूक्ष्म जीव सम्मिलित हैं। स्थलमंडल, जलमंडल व वायुमंडल तीनों में ही जीवन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । यह सभी मंडल जीव मंडल के ही घटक है।