B) भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO)
• ऐसे व्यक्ति जो स्वयं या जिनके पूर्वज कभी भारत के नागरिक थे लेकिन वर्तमान में यह लोग किसी दूसरे देश के नागरिक बन गए हैं।
• ऐसे व्यक्ति जो कभी भी भारत का पासपोर्ट धारक रहा है तथा जिनके माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी में से कोई भी भारत शासन अधिनियम 1935 के अधीन भारतीय राज्य क्षेत्र का निवासी रहा हो अथवा किसी ऐसे क्षेत्र का निवासी था, जो बाद में भारत का हिस्सा बन गया हो तो उस व्यक्ति और उसके वैवाहिक संबंधी (SPOUSE) को भारतीय मूल का व्यक्ति माना जाता है।
• भारतीय मूल के व्यक्तियों में ऐसे व्यक्ति शामिल नहीं होते जो पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान चीन या बांग्लादेश के नागरिक हैं अथवा कभी वहां रहे हैं।
- पीआईओ कार्ड (PIO CARD)
वर्ष 2002 में भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए भारतवंशी कार्ड की शुरुआत की गई। इस कार्ड द्वारा PIO CARD धारकों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की गई थी:-
1. PIO CARD धारक व्यक्ति कार्ड जारी होने की तारीख से 15 वर्षों तक बिना वीजा के भारत आ सकता है।
2. भारत आने की तारीख से 180 दिनों तक विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी के पास पंजीकरण कराने की छूट दी गई है।
3. PIO CARD धारक व्यक्ति को अनिवासी भारतीयों के सामान आर्थिक, वित्तीय, शैक्षिक सुविधाएं प्राप्त है परंतु कुछ सुविधाएं प्राप्त नहीं है जैसे PIO CARD धारक कृषि भूमि नहीं खरीद सकता है।
4. PIO कार्ड धारक को पर्वतारोहण, अनुसंधान कार्य एवं मिशनरी कार्यों के लिए भारत सरकार से अनुमति लेनी चाहिए। इन्हें चुनाव लड़ने जैसे राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
C) भारत के सीमापारीय नागरिक (OCI)
• नागरिकता संशोधन अधिनियम 2005 के द्वारा सभी देशों के भारतीय मूल के व्यक्तियों को विदेशी भारतीय नागरिकता प्रदान करने संबंधी (अपवाद पाकिस्तान और बांग्लादेश) प्रावधान किए गए जब तक कि उनके घरेलू देश स्थानीय कानून, उन्हें दोहरी नागरिकता प्रदान नही करते हों।
• भारत सरकार द्वारा सीमापारीय नागरिकता की शुरुआत 2005 में की गई इसके प्रावधान निम्नलिखित है :-
1. ऐसा व्यक्ति जो 26 जनवरी, 1950 या उसके बाद कभी भारत का नागरिक रहा हुए अथवा भारतीय नागरिक बनने की योग्यता रखता हो। वह व्यक्ति जो दूसरे देश का नागरिक है परंतु भारत के किसी ऐसे क्षेत्र से संबंध रखता है जो 15 अगस्त 1947 के बाद भारत का अंग बनाया गया।
2. इन योग्यताओं को ग्रहण करने वाले व्यक्तियों के पुत्र - पुत्री, पोता- पोती अथवा नाती - नातिन को OCI कार्ड जारी किया जा सकेगा परंतु उनकी वैवाहिक संबंधियों को इस प्रकार की सुविधा नहीं दी गई।
3. वह व्यक्ति जो कभी भी पाकिस्तान और बांग्लादेश का नागरिक रहा है, वह सीमापारीय भारतीय नागरिकता प्राप्त नहीं कर सकता।
[इसे लोकप्रिय रूप में दोहरी नागरिकता कहते हैं]