मौलिक अधिकार एवं मानवाधिकार में अंतर - भाग-1

मौलिक अधिकार - वर्तमान समय में भारतीय नागरिकों को छह मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है जो निम्नलिखित है।

समानता का अधिकार (अनुच्छेद - 14 से 18 तक), स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद - 19 से 22 तक), शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद - 23 से 24 तक) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद - 25 से 28 तक), संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद - 28 से 30 तक) तथा संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 31 - से 32 तक)

अनुच्छेद 31 के अंतर्गत संपत्ति का मौलिक  अधिकार था,  जिसे अब हटा दिया गया है।


मानवाधिकार - प्रकृति या ईश्वर द्वारा प्रदान इस अधिकार के अंतर्गत - सभी को हंसने का, रोने का, खाने का, पीने का, और तो और गरिमा पूर्ण जीवन व्यतीत करने का अधिकार प्रदान किया गया है।

और अगर कोई व्यक्ति आपके इन अधिकारों पर कोई पाबंदी लगाता है, तो आप अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुकदमा दायर कर सकते हैं। जिसके तहत उसे कड़ी से कड़ी सजा देने का नियम बनाया गया है। 

विश्व में सर्वप्रथम संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 10 दिसंबर 1948 को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसी सम्मेलन से प्रतिवर्ष 10 दिसंबर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

आगे लेख जारी है........

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