मौलिक अधिकार एवं मानवाधिकार में अंतर - भाग-2

भारत में सर्वप्रथम 1993 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन किया गया था।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को बनाया जाता है।

वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख उच्चायुक्त मिशेल बैचलेट हैं जिनका संबंध चीली से है।


(1) - किसी व्यक्ति को मौलिक अधिकार संविधान एवं राज्य के द्वारा सौंपा जाता है। जबकि,
               मानवाधिकार व्यक्ति को प्रकृति या ईश्वर के द्वारा प्रदान किया जाता है।


(2) - मौलिक अधिकार का मापदंड राष्ट्रीय होता है। जबकि,
मानवाधिकार अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अधिकार है।

(3) - मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने पर न्यायपालिका
(सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट) के द्वारा सजा देने का प्रावधान है। जबकि,
मानवाधिकार का उल्लंघन करने पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय द्वारा सजा दी जाती है।

(4) -उपर्युक्त अंतरों  का अध्ययन कर ऐसा मालूम होता है,  कि मौलिक अधिकार का विषय वस्तु लघु है। 
जबकि,
मौलिक अधिकार की अपेक्षा मानवाधिकार दीर्घ विषय वस्तु के अंतर्गत आता है।

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