इस आंदोलन के निम्नलिखित परिणाम हुए -
( 1 ) आंदोलन का तात्कालिक परिणाम यह था कि ब्रिटिश सरकार ने महात्मा गांधी और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सब सदस्यों को जेल भेज दिया । कांग्रे संस्था को कानून के विरुद्ध घोषित कर दिया गया। उसके कार्यालय पर पुलिस ने कब्जा कर लिया। यह नीति सरकार ने कांग्रेश को कुचलने के लिए अपनाई।
( 2 ) साधारण जनता हाथ पर हाथ रख कर बैठी रही उसने भी सरकार के विरुद्ध विद्रोह आरंभ कर दिया गांधी जी के मन में यह विचार ही नहीं था कि सरकार उन्हें अकस्मात बंदी बना लेगी। इसका परिणाम यह हुआ कि गांधीजी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के गिरफ्तार होने के बाद आंदोलन का पथ प्रदर्शन करने के लिए कोई नेता न रहा । जैसे लोगों के मन में आया उन्होंने वैसा ही किया।
( 3 ) जब सरकार ने निर्दोष पुरुषों, स्त्रियों तथा बच्चों को गोली से उड़ा दिया, तब लोगों ने भी हिंसा की नीति अपनाई। जहां कहीं विदेशी मिले, उनको मार डाला गया। बहुत कठिनाइयों के बाद ब्रिटिश सरकार अपनी सत्ता को देश में फिर से स्थापित करने में सफल हुई।
( 4 ) राष्ट्र वादियों को राष्ट्रीय आंदोलन से अलग रखने के लिए काला पानी की सजा दी जाती थी। अंडमान निकोबार दीप समूह 'काला पानी' के नाम से जाना जाता था। जहां छोटी-छोटी कोठरिया होती थी और बंधुओं को अनेक अमानवीय यातनाएं दी जाती थी। काला पानी की सजा देश निकाला तथा आजीवन कारावास की कठोरतम सजा थी।