सीमापारीय नागरिकता की समाप्ति
A. यदि OCI का दर्जा प्राप्त व्यक्ति अपने इस दर्जे को त्यागना चाहता है तो उसे इसके लिए निर्धारित प्रारूप के अनुरूप घोषणा करनी होगी और केंद्र सरकार द्वारा ऐसी घोषणा को स्वीकार करते ही OCI दर्जा प्राप्त व्यक्ति की नागरिकता समाप्त हो जाती है।
B. इसके अलावा निम्नलिखित आधार पर भी नागरिकता समाप्त की जा सकती है:-
1. यदि किसी व्यक्ति ने झूठे तथ्यों या कोई तथ्य छुपा कर सीमापारीय नागरिकता प्राप्त की हो।
2. यदि वह भारतीय संविधान का सम्मान न करता हो।
3. यदि वह भारत के युद्ध होने की दशा में शत्रु देश के साथ व्यापार करता है या ऐसी सूचना साझा करता है जिसे शत्रु देश को लाभ हो।
4. सीमापारीय नागरिकता प्राप्त करने के बाद 5 वर्षों की समय अवधि के अंदर 2 वर्ष तक जेल में रहने पर व्यक्ति का OCI दर्जा समाप्त किया जा सकता है।
5. यदि OCI कार्ड का दर्जा प्राप्त व्यक्ति भारत की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा एवं जनहित को नुकसान पहुंचाता हो या उससे नुकसान पहुंचने की संभावना हो।
नागरिकता की वर्तमान स्थिति
• नागरिकता (संशोधन) अधिनियम ,2015 के मुख्य अधिनियम में विदेशी भारतीय नागरिकता संबंधी प्रावधानों को संशोधित कर दिया। इसमें भारतीय विदेशी नागरिकता कार्ड धारक (overseas citizen of India card holder) के नाम से एक योजना की शुरुआत की गई जिसमें PIO और OCI स्कीम को विलय कर दिया गया।
• इसके द्वारा PIO कार्ड योजना को समाप्त कर अभी तक जारी किए गए PIO कार्ड को OCI कार्ड का दर्जा देने का नियम बनाया गया।
• OCI कार्ड धारक व्यक्तियों को OCI कार्ड का लाभ उनकी चौथी पीढ़ी तक के बच्चों को मिलेगा जबकि इससे पहले यह सुविधा PIO कार्ड धारक व्यक्तियों को ही मिलती थी।
=> नागरिकताा संशोधन विधेयक 2016
• यह उन हिंदू, सिख, जैन, पारसी, ईसाई नागरिकों को देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए बनाया गया जो बिना दस्तावेज के हैं और बांग्लादेश, पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान चले गए थे तथा वहां जाने के बाद उनके दस्तावेज रद्द हो गये थे।