हीराकुंड बांध परियोजना उड़ीसा राज्य में महानदी पर संबलपुर से 14 किलोमीटर ऊपर की ओर हीराकुंड नामक स्थान पर बनाई गई है। इस नदी पर 4801 मीटर लंबा तथा 61 मीटर ऊंचा एक विशाल बांध बनाया गया है। बाँध के पीछे एक विशाल जलाशय का भी निर्माण किया गया है। महानदी अपनी भयंकर बाढो के लिए विख्यात रही है। यह नदी अपने हरे भरे डेल्टा को प्रतिवर्ष अपनी उफनती हुई जल धाराओं से रौंद डालती थी। अतः सरकार ने इस नदी के जल को नियंत्रित कर बहु उपयोगी बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना को क्रियान्वित किया। महानदी पर तीन बांध---- हीराकुंड बांध, टीकरपड़ा एवं नराज बनाए गए हैं । हीराकुंड परियोजना का मुख्य बांध है इसकी गणना विश्व के सबसे लंबे बांध के रूप में की जाती है।
इस परियोजना के अंतर्गत विद्युत शक्ति ग्रहों का निर्माण किया गया है जिनमें जल विद्युत उत्पादन क्षमता 123 मेगावाट है। इन नहरों से विशाल कृषि क्षेत्रों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
हीराकुंड परियोजना ने उड़ीसा राज्य के सर्वांगीण विकास के द्वार खोल दिए हैं। इससे यह औद्योगिकीकरण एवं संपन्नता की लहर आ गई है। हीराकुंड बांध का निर्माण हो जाने के परिणाम स्वरुप उड़ीसा राज्य को महानदी की विकराल एवं बाढ़ से मुक्ति मिल गई