वाष्पीकरण द्वारा शीतलन का दैनिक जीवन में प्रमुख उदाहरण-
1. गर्मी के दिनों में शरीर का जल पसीने के रूप में त्वचा पर आ जाता है। जल का वाष्पीकरण होता है, जिसके दौरान शरीर की कुछ ऊष्मा खर्च हो जाती है और हमें शीतलता का अनुभव होता है।
2. मिट्टी के बर्तनों में बहुत ही सूक्ष्म छिद्र होते हैं जल इनसे बाहर आ जाता है तथा मटके या सुराही की सतह से वाष्पित होता है जिससे जल सहित पूरा निकाय ठंडा हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप इस बर्तन में रखा जल भी ठंडा हो जाता है।
3. गर्मी के दिनों में कुत्ते जीभ बाहर निकाल कर हाफते रहते हैं। जीभ पर लगे जल का वाष्पीकरण होता है जिससे इनका शरीर शीतल हो जाता है।
4. गर्मी के दिनों में खस चटाई का उपयोग किया जाता है। इस पर जल डाला जाता है, जल का वाष्पीकरण होता है, जो कमरे की हवा एव चटाई का ताप ग्रहण कर लेता है, जिसके कारण कमरा अत्यन्त शीतल हो जाता है।