➡ 6 जनवरी 2019 को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह घोषणा की है कि बहुत जल्द ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ने को अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही साथ मंत्री रविशंकर जी ने यह भी कहा कि सरकार जल्द एक कानून प्रस्तावित करेगी जिसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ना अनिवार्य हो जाएगा।
➡ ड्राइविंग लाइसेंस मान्यता प्राप्त एक महत्वपूर्ण पहचान प्रमाण पत्र है , जो भारत सरकार के द्वारा जारी किया जाता है। जल्द ही सरकार के द्वारा बेहतर ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल भी शुरू किया जाएगा जिसके माध्यम से व्यक्तियों को अच्छी ड्राइविंग सिखाई जाएगी।
जिससे सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा किंतु वर्तमान समय में सरकार के पास ड्राइविंग लाइसेंस पाने की प्रक्रिया बहुत ही अव्यवस्थित है और इसे समय के साथ बेहतर करने का प्रयास जारी है।
➡ भारत सरकार द्वारा वर्तमान समय में लगभग 123 करोड़ आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
आधार कार्ड के माध्यम से निर्गत किए गए मोबाइल फोन की संख्या लगभग 121 करोड़ के करीब है और साथ ही साथ इसकी मदद से ई कॉमर्स में 31% की वृद्धि भी हुई है और देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है तथा इसमें कई गुना की वृद्धि देखी गई है।
⚫ महत्वपूर्ण बिंदु
➡ वर्तमान समय में अनियंत्रित वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है और दुर्घटना करने वाला दोषी व्यक्ति वारदात की घटनास्थल से फरार हो जाता है और सजा से बचने के लिए डुप्लीकेट लाइसेंस का सहयोग लेता है आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद इस अव्यवस्था को समाप्त किया जा सकेगा।
क्योंकि व्यक्ति अपना नाम गलत बता सकता है लेकिन बायोमेट्रिक की सहायता से उसका सही पता आसानी से लगाया जा सकेगा और उसको सजा देने में भी आधार कार्ड कि मदद मिलेगी।
➡ आधार कार्ड को अनिवार्य रूप से लाइसेंस से जोड़ने के बाद फर्जी प्रकार से लाइसेंस नहीं बन पाएंगे और सुरक्षा नियम तोड़ने वाले व्यक्ति का आसानी से चालान किया जा सकेगा।