न्यूटन का प्रथम गति नियम, संवेग संरक्षण का सिद्धांत

न्यूटन का प्रथम गति नियम- वस्तु अपनी विरामावस्था या सरल रेखा के अनुरूप एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई असंतुलित बल कार्य न करे। वस्तुओं को अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते है।

जड़त्व के उदाहरण

1. रूकी हुई गाड़ी के अचानक चल पड़ने पर उसमें बैठे यात्री पीछे की ओर गिर पड़ते हैं।

2. चलती हुइ गाड़ी के अचानक रूकने पर उसमें बैठे यात्री आगे की ओर झुक जाते है।

3. हथौड़े को हत्थे में कसने के लिए हत्थे को जमीन पर मारते हैं।

4. गोली मारने पर काँच में छिद्र हो जाता है किन्तु पत्थर मारने पर वह काँच टुकड़े-टुकड़े हो जाता है।

5. कम्बल पर डंडा पीटने से धूल झड़ जाते हैं।

संवेग संरक्षण का सिद्धांत (Law of Conservation of Momentum) -एक वस्तु में जितना संवेग परिवर्तित होता है, दूसरी वस्तु में उतना ही संवेग विपरीत दिशा में हो जाता है। राकेट का नोदन, बंदूक का प्रतिक्षेप संवेग संरक्षण सिद्धांत पर आधारित है।

      प्रक्षेप गति-जब किसी वस्तु को एक प्रारम्भिक वेग से ऊध्र्वाधर दिशा में फेंका जाता है तो वह गुरूत्वीय त्वरण के अंतर्गत ऊध्र्वाधर तल में एक वक्र पथ पर गति करता है। इस गति को प्रक्षेप गति कहते हैं।

प्रक्षेप गति के उदाहरण-

1.    हवाई जहाज से गिराये गये बम की गति।

2.    छत पर खड़े होकर क्षैतिज दिशा में फेंकी गयी गेंद की गति।

3.    बल्ले से टकरायी गेंद की गति इत्यादि।  
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