पुर्तगालियों के विषय में जानकारी

भारत आने का कारण या समुद्री मार्ग खोजने का कारण 

- 1453 का धर्म युद्ध (कुस्तुनतुनिया पर तुर्कों का अधिकार)।

- भारतीय व्यापार से धन कमाने की इच्छा।

- पुनर्जागरण के पश्चात नवपरिवहन में प्रगति तथा व्यापक पैमाने में जहाजों का निर्माण।

- एशिया का सर्वाधिक व्यापार अरब वासियों के हाथ में था एवं भूमध्य सागरी तथा यूरोपीय व्यापार इटली के हाथ में था।

वास्कोडिगामा का भारत आगमन

- वास्कोडिगामा सर्वप्रथम 17 मई 1498 में भारत आया था तथा वह दूसरी बार 1502 ईसवी में भारत आया।

- वास्कोडिगामा के लिसन बंदरगाह पहुंचने के बाद पुर्तगाल के राजा मैनुअल-1 ने वाणिज्य के प्रधान की उपाधि धारण की।

- वास्कोडिगामा के द्वारा भारत से पुर्तगाल का व्यापार कार्य प्रारंभ हुआ जिससे पुर्तगालियों को बहुत ही ज्यादा लाभ प्राप्त हुआ जिससे वह भारत के साथ व्यापार करने के लिए ज्यादा अग्रसर हुए।

- वास्कोडिगामा की मृत्यु भारत में कोचीन में हुई बाद में इसे लिसवन बंदरगाह में दफनाया गया।

फ्रांसिस्को-डी-अल्मेडा(1505-1509) का भारत आगमन

- यह प्रथम पुर्तगाली गवर्नर बनकर भारत आया था।

- इसने भारत में व्यापार करने के लिए शांत जल की नीति को लागू किया जिसका अर्थ है शांतिपूर्वक व्यापार करने की नीति अपनाई।

- सन 1508 ईस्वी में अरबवासियों से परेशान होकर अलमेडा ने एक युद्ध की घोषणा की जिसे चौल के युद्ध के नाम से जाना जाता है।

- 1509 ईस्वी में एक और युद्ध हुआ जिसे दिऊ के नाम से जाना जाता है जिसमें पुर्तगालियों की विजय हुई थी।

लेख अभी जारी है ......

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