* अनुवांशिक अभियांत्रिकी के प्रयोज्य एवं इसकी दैनिक जीवन में महत्वता को निम्नलिखित शीर्षकों के माध्यम से समझा जा सकता है ।
1. जीनी विश्लेषण एवं संग्रह-- डीएनए अणुओं को छोटे टुकड़ों में तोड़कर तथा इनका पुंजकीकरण करके किसी भी जीव के संपूर्ण जीनोम का विश्लेषण किया जा सकता है। और इसे जिनी संग्रह के रूप में कंप्यूटर में रिकॉर्डड किया जा सकता है।
* ध्यातव्य है कि जीनोम एक प्राणी में पाए जाने वाले सभी जीनों के समुच्चय के लिए प्रयुक्त एक समूहवाचक शब्द है।
* विश्व स्तर के प्रोग्राम ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट का संबंध मानव जीन और उनके अनुक्रम की पहचान और मानचित्र से है। * मानव जीनोम परियोजना के अंतर्गत वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि मानव जीनोम में लगभग 30,000 जीन होते हैं और इसमें से अधिकांश जींस का विश्लेषण कर लिया गया है इससे मानव को गंभीर अनुवांशिक रोगों और अकाल मृत्यु से निजात दिलाने में सहायता मिलेगी।
* जींस का संश्लेषण:- जीनोम द्वारा संश्लेषित संपूर्ण mRNA अरुण को ट्रांसक्रिप्टोम कहते हैं। किसी विशिष्ट कोशिका से mRNA अणुओं को पृथक करके प्रतिवर्ती ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइम की सहायता से इस पर डीएनए का संश्लेषण करवाया जा सकता है ।
* ध्यातव्य है कि एक जीन दो या दो से अधिक भिन्न-भिन्न लक्षणों को एक साथ नियंत्रित करता है तो यह बहु प्रभाविता कहलाता है। इसका एक ज्वलंत उदाहरण है-- लाल रक्त कोशिकाओं का हसियाकार कोशिका अरक्तता रोग जिसमें RBC का आकार हसियानुमा हो जाताा है।