नदियों के प्रकार - नदियों का वर्गीकरण भिन्न-भिन्न आधारों पर किया जाता है।
1- जल की उपलब्धता के आधार पर - इस आधार पर नदियों को तीन प्रकार से वर्गीकृत किया गया है।
सदानीरा नदियां - वह नदियां जिनमें साल भर जल का प्रवाह बना रहता है उन नदियों को सदानीरा नदियां कहा जाता है।
जैसे- उत्तर भारत के हिमालय से निकलने वाली नदियां
वर्षाती नदियां वह नदियां जिनमें केवल वर्षा काल में ही जल पाया जाता है वर्षाती नदियां कहलाती हैं।
जैसे - पश्चिमी राजस्थान की सूखी नदियां रूपा, सुकरी, नारायणी।
अंत्रालयी नदियां - वह नदियां जिनमें वर्ष में कम से कम 6 से 8 माह जल प्रवाहित होता है।
जैसे - गोदावरी , कृष्णा , कावेरी आदि।
2- प्रवाह ढाल एवं आकारिकी के आधार पर - इस आधार पर नदियों को दो भागों में बांटा गया है।
क्रमवर्ती नदियां - वह नदियां जो हमेशा ढाल के अनुरूप प्रवाहित होती हैं उन्हें क्रम वर्ती कहा जाता है। यह नदियां निम्नलिखित प्रकार की होती है।
-अनुवर्ती नदियां
-परवर्ती नदियां
-नवानुवर्ती नदियां
-प्रति अनुवर्ती नदियां
अक्रमवर्ती नदियां - ऐसी नदियां जो ढाल के विपरीत दिशा में प्रवाहित होती हुई प्रतीत होती हैं उन नदियों को अक्रमवर्ती नदियां कहा जाता है। इस प्रकार की नदियों को दो भागों में बांटा गया है।
-पूर्ववर्ती नदियां
-अध्यारोपित नदियां