फ्रांस की क्रांति की प्रमुख घटनाएं-1

  स्टेट्स जनरल फ्रांस की प्राचीन संसद थी। जिसमें 3 सदस्य थे अर्थात तीन वर्गों का प्रतिनिधित्व था। प्रत्येक वर्ग का अलग-अलग अधिवेशन होता था। 1614 असली के बाद अब तक इसका कोई अधिवेशन नहीं हुआ था।स्टेट्स जनरल के सदस्यों की कुल संख्या 1214 थी जिसमें 308 पादरी वर्ग के थे 285 कुलीन वर्ग के थे और 621 जनसाधारण वर्ग के सदस्य थे।राजा ने धन की कमी को पूरा करने के लिए इस आशा से 1789  में इसका अधिवेशन बुलाया कि वह नया कर लगाने की अनुमति दे देगी। जनता वर्ग ने करो का विरोध किया और संयुक्त अधिवेशन की मांग की। राजा तथा दरबारी वर्ग ने इसका विरोध किया तथा सभा को भंग करना चाहा।जनता वर्ग ने सभा से हटने से इंकार कर दिया।

टेनिस कोर्ट की शपथ- फ्रांस के तत्कालीन राजा लुई सोलहवां में सामंतों कुलीनो व पादरियों के दबाव में आकर साधारण वर्ग के सभा भवन को बंद करा दिया तथा इस वर्ग को सभा स्थगित करने का आदेश दिया। राजा के इस आदेश के विरोध में तृतीय सदन के सभी सदस्य सभा भवन के निकट स्थित टेनिस कोर्ट के मैदान में एकत्रित हो गए तथा तृतीय वर्ग के नेता मीराबो की अध्यक्षता में शपथ ग्रहण किया जिसमें संकल्प लिया कि हम यहां से उस समय तक नहीं हटेंगे जब तक हम देश के लिए संविधान का निर्माण नहीं कर लेंगे भले ही हमारे विरुद्ध संगीनों से ही क्यों न काम लिया जाए । फ्रांस के इतिहास में यह संकल्प टेनिस कोर्ट की शपथ के नाम से विख्यात है।

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