मुख्य बिंदु
- यह सरकार द्वारा क्रियान्वित एक मिशन है जो गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण को समाप्त करने और नदियों का संरक्षण करने के उद्देश्य से चलाया गया है।
- नमामि गंगे मिशन के तहत 289 प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है जिनमें से वर्तमान समय में 87 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं इस परियोजना की पूरी लागत 28377 करोड रुपए हैं।
- नमामि गंगे के तहत 151 सीवरेज प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है जिनमें गंगा की मुख्यधारा पर 112 और गंगा की सहायक नदियों पर 39 प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं जिनकी कुल लागत 2315 8.93 करोड रुपए है।
- नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत नदियों की सफाई, सीवरेज निर्माण, नदी तटों का विकास, नदियों के किनारे वनीकरण और जैव विविधता के साथ साथ जन जागरूकता जैसी प्रमुख गतिविधियों को शामिल किया गया है जिससे आने वाले समय में गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों का विकास किया जाएगा।
- यह योजना 13 मई 2005 को प्रारंभ की गई थी जिसमें गंगा को एकीकृत और व्यापक तरीके से साफ करना तथा गंगा का संरक्षण करना था।
- कानपुर के द्वारा गंगा की मुख्यधारा में सबसे ज्यादा प्रदूषण हो रहा है।
- कानपुर के अलावा गंगा प्रदूषण का कारण गंगा के तट पर बसे शहर हरिद्वार , वाराणसी , प्रयागराज और कोलकाता समेत 10 शहर शामिल है।
मिशन नमामि गंगे का उद्देश्य
- इस मिशन का मुख्य उद्देश्य गंगा की मुख्यधारा पर बसे 97 शहरों और 4465 गांवों द्वारा गंगा की मुख्य धारा में फैलाए जा रहे प्रदूषण ओं का व्यापक और स्थाई समाधान करना है।
- इस योजना के अंतर्गत खराब हो चुके सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को ठीक करना और उनका उचित रखरखाव और सुचारू रूप से संचालन को क्रियान्वित करना है।
- इस योजना के तहत आधारिक संरचना का भी निर्माण करना है।
- गंगा नदी में पर्यावरण विनियमन और जल की गुणवत्ता की निगरानी करना भी इस मिशन का उद्देश्य है।