सूडान में आपातकाल लागू होने के विषय में जानकारी

सुजान अफ्रीका का एक देश है जहां के राष्ट्रपति उमर अल बशीर का शासन 30 साल के लंबे अरसे से चला आ रहा था जोकि सेना के द्वारा दबाव बनाने के कारण 6 अप्रैल 2019 को समाप्त हो गया। 

राष्ट्रपति ओमर अल बशीर के विषय में जानकारी 

उमर अल बशीर सूडान के राजनेता है इन्होंने सातवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की थी उमर अल बशीर राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता थे और ये सेना अधिकारी भी थे।  साल 1989 में सेना के तख्तापलट के बाद ये सत्ता में आए थे यह एक तानाशाह शासक है और सूडान में लंबे समय तक शासन करने वाली राष्ट्रपति भी हैं। 
         इन के शासनकाल में सूडान में भयंकर गृह युद्ध हुआ था जो 2005 में समाप्त हुआ। लेकिन देश के पश्चिमी क्षेत्र में दारफुर नामक स्थान पर एक दूसरा ग्रह युद्ध छिड़ गया। 

उमर अल बशीर पर युद्ध अपराध कराने का आरोप लगा था और इनके ऊपर अंतरराष्ट्रीय अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया  जिसके कारण इनकी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर प्रतिबंध लग गया था  इसके बावजूद उन्होंने 2010 और 2015 का चुनाव भी जीता। 

महत्वपूर्ण बिंदु -

- सूडान के राष्ट्रपति ओमर अल बशीर पर कई महीनों से प्रदर्शन जारी था जो आपातकाल लागू हुए का एक मुख्य कारण है। 

- यह प्रदर्शन सूडान की सरकार द्वारा ब्रेड की कीमत को पहले से 3 गुना कर दिया गया है जिसके कारण दिसंबर 2018 से यह प्रदर्शन प्रारंभ हो गया क्योंकि सुडान के लोग महंगाई के संकट से परेशान थे। 

- इसके साथ-साथ राष्ट्रपति पर देश में नरसंहार कराने का  और पश्चिमी क्षेत्र दारफुर में युद्ध अपराध को संगठित करने और मानवाधिकार के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। 

- सूडान की अर्थव्यवस्था भी गड़बड़ा गई है क्योंकि इनके नेतृत्व में पिछले कई सालों से संघर्ष चल रहा है और इनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भी कई मामले चल रहे हैं। 

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