रूस की क्रांति से पूर्व की दशा-1

रूस की आर्थिक दशा- रूस आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा देश था इस समय रूस की बहुसंख्यक जनता का मुख्य व्यवसाय कृषि था राज्य की अधिकांश भूमि पर सामान्य एवं कुली नो का कब्जा था कृषकों को भूल स्वामित्व नहीं प्राप्त था उन्हें कृषि उपज का अधिकांश हिस्सा करों के रूप में देना पड़ता था अधिकांश किसानों को सामंतों की भूमि पर बेकार करना पड़ता था भूमि दास बहुत कम मजदूरी पर सामंतों की जमीन पर कड़ी मेहनत करते थे कल कारखानों में भी मजदूरों को बहुत कम मजदूरी मिलती थी वास्तव में रूस की बहुसंख्यक जनता भूख से परेशान थी रूसी जनता की तरीका एवं भुखमरी ने रूस में क्रांति का वातावरण तैयार कर दिया।
रूस की राजनीतिक दशा- रूस की राजनीतिक दशा चिंताजनक कि रूस के जार निरंकुश शासक थे तथा राज्य के अधिकारी जनता के साथ कठोर आचरण व अत्याचार करते थे।रूसी जनता प्रगतिशील पाश्चात्य विचारों से प्रभावित रूसी विचारकों एवं लेखकों के लेखों व विचारों से प्रभावित हो गई थी इसी समय कार्ल मार्क्स के समाजवादी विचारों से प्रभावित होकर कुछ नेता रूस में समाजवादी विचारधारा व समाजवादी व्यवस्था की स्थापना के प्रयास में जुट गए रूस के इन नेताओं के नेतृत्व में बहुत से श्रमिक संगठनों की स्थापना हुई रूस ने सर्वप्रथम अट्ठारह सौ 98 ईसवी में रूसी समाजवादी प्रजातांत्रिक दल की स्थापना हुई वैचारिक मतभेद के कारण 1930 ईस्वी में यह दल दो गुटों में विभाजित हो गया जिसमें एक मैनशेविक और दूसरा गुट बोल्शेविक के नाम से विख्यात हुआ।
Posted on by