नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म 15 अगस्त 1769 वीं में हुआ था। इसकी पिता का नाम चार्ल्स बोनापार्ट तथा मां का नाम लतीलिया रेमोलिनो था।1804 ईसवी में नेपोलियन फ्रांस का सम्राट बना। 18 जून 1815 ईसवी में वह वाटरलू की लड़ाई में पराजित हुआ।
नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांसीसी सेना का सेनापति एवं विलक्षण प्रतिभा का धनी था।फ्रांस में देश के शासन की कमान संभालने वाली डायरेक्टरी को 1799 ईस्वी में भंग कर उसका अस्तित्व समाप्त कर दिया गया। 1799 से 1804 तक उसने फ्रांस में कई महत्वपूर्ण सुधार की है। नेपोलियन के समय में फ्रांस यूरोप का सर्वाधिक समृद्ध और शक्तिशाली देश बन गया।नेपोलियन ने फ्रांस में अपनी शक्ति मजबूत कर ली और 1804 ईसवी में फ्रांस का सम्राट बन बैठा।नेपोलियन 1805 में आस्ट्रिया, 1806 में प्रसा, तथा 1807 ईस्वी में रूस को पराजित कर अपनी शक्ति के चरम शिखर पर पहुंच गया।अब उसने व्यापार निषेध नियम लागू कर इंग्लैंड को निशाना बनाया किंतु अंग्रेजों की नौसैनिक शक्ति के कारण वह असफल रहा। अंत में यूरोप के मित्र राष्ट्रों ने संगठित होकर 1813 ईसवी में उसे लिपिजिंग में हराया। फिर भी भारी जनसमर्थन के कारण वह पुनः सत्तासीन हो गया ।1815 ईस्वी में मित्र राष्ट्रों ने वाटर लू नामक स्थान पर उसे पुनः पराजित कर दिया।अंत में 5 मई 1821 ईसवी को सेंट हेलेना द्वीप में निर्वासन में उसकी मृत्यु हो गई।नेपोलियन द्वारा लागू की गई शासन व्यवस्था बहुत समय तक चली।नेपोलियन बोनापार्ट के पतन के पश्चात फ्रांस में 1848 इसवी में द्वितीय गणतंत्र की स्थापना हुई।