दैनिक जीवन में श्यानता का प्रभाव, बर्नोली प्रमेय के अनुप्रयोग, पृष्ठ तनाव

दैनिक जीवन में श्यानता का प्रभाव- 

1.   जितनी तेजी से हम वायु में दौड़ सकते हैं, उतनी तेजी से जल में नहीं दौड़ सकते हैं क्योंकि जल की श्यानता वायु से अधिक है।

2.   कम श्यान द्रव जैसे जल एवं अधिक श्यान द्रव जैसे ग्लिसरीन, शहद को फर्श पर लुढ़काने पर, शहद व ग्लिसरीन अधिक श्यान होने के कारण जल्दी ठहर जाता हैं जबकि जल कम श्यान होने के कारण अधिक समय तक बहता रहता है।

3.   वायु की श्यानता के कारण ही बादल के कण बहुत धीरे-धीरे नीचे की ओर आ जाते हैं एवं बादल आसमान में तैरते हुए प्रतीत होते हैं।

बर्नोली प्रमेय के अनुप्रयोग-

1.    वेन्टूरीमीटर निर्माण में।

2.    वायुयान के निर्माण में।

3.    जब आंधी आती है तो घरों के छप्पर व टीन उड़ जाते हैं।

4.    यदि रेलवे प्लेटफार्म पर कोई मनुष्य खड़ा हो तो तेजी से रेलगाड़ी आने पर व्यक्ति को गाड़ी की ओर गिर जाने का खतरा रहता है।

पृष्ठ तनाव  

      यह तरल का वह गुण है जिसके कारण तरल अपने पृष्ठ क्षेत्रफल को कम से कम करना चाहता है। द्रव में पृष्ठ तनाव द्रव के अणुओं के बीच ससंजक बल के कारण होता है। पृष्ठ तनाव का मात्रक न्यूटन/मीटर होता हैं।

पृष्ठ तनाव के उदाहरण-

1.    जल की बूँदों का गोल होना।

2.    लैम्प की बत्ती में तेल चढ़ाना।

3.    साबुन के प्रयोग से कपड़े धोना।

4.    अशांत समुद्र में तेल गिरने से जल में स्थिरता का आना।

5.    स्याही सोख्ता तथा तौलिया द्वारा जल सोखना।

6.    शेविंग ब्रश को जल से निकालने पर केश का आपस में सटना।

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