आंख की पेशियों द्वारा नेत्र लेंस की फोकस दूरी को समायोजित करने वाली क्षमता आंख की समंजन क्षमता कहलाती है।
स्वस्थ्य मनुष्य की आंखों की स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 सेंटीमीटर होती है।
अर्थात 25 सेंटीमीटर से पास कोई वस्तु को देखने पर आंखों पर जोर पड़ता है जबकि बहुत दूर देखने पर आंखें स्वतंत्र महसूस करती है।
आंख से अधिकतम दूर स्थित उस बिंदु को जिस पर रखी वस्तु को आंख स्पष्ट देख सकती है, उसे दूर बिंदु कहते हैं।
जबकि आंख से न्यूनतम दूरी पर स्थित उस बिंदु को जिस बिंदु पर रखी वस्तु को आंख स्पष्ट रूप से देख सकती है निकट बिंदु कहते हैं।
नेत्र में सामान्यतः दो प्रकार के दोष पाए जाते हैं-
1-निकट दृष्टि दोष
2- दूर दृष्टि दोष
निकट दृष्टि दोष- आंखों में इस प्रकार की समस्या होने पर आंखों से पास की वस्तुएं तो स्पष्ट दिखाई पड़ती हैं किंतु दूर की वस्तुओं को देखने के के लिए आंखें असमर्थ होती हैं।
इस दृष्टि दोष में किसी वस्तु का प्रतिबिंब आंख के रेटिना पर न बन कर कुछ आगे बन जाता है जाता है।
इस दोष में आंख गोली अथवा अधिक लंबी होने तथा आंख की लेन्स का सामान्य फोकस दूरी के घट जाने से उत्पन्न होता है।
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