समुद्र विज्ञान

सागर के अध्ययन से संबंधित विषय खंड को समुद्र विज्ञान कहा जाता है। 
        समुद्र वह विशाल जल राशि है जिनमें धाराएं तरंगे प्राप्त होती है तथा ज्वार भाटा का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है। 

     पृथ्वी पर उपस्थित वह विशालतम जल राशियां जो महाद्वीपों से गिरी होती हैं या विभिन्न महाद्वीपों के मध्य अवस्थित होती हैं उन्हें महासागर कहा जाता है ।              
             महासागरीय जल राशियां जो महाद्वीपीय सीमांत क्षेत्रों में अवस्थित होती हैं तथा अनिवार्य महासागरों का अंग होती हैं उन्हें सागर कहा जाता है। 

यदि जल राशियां चतुर्दिक रूप से स्थल खंड से घिरी हुई हो तो इन्हें झील कहा जाता है जैसे-  कैस्पियन सागर , काला सागर , मृत सागर यह सभी झीले हैं। 

अरब सागर अंडमान सागर जापान सागर दक्षिण चीन सागर यह सभी सागर है विश्व का सबसे बड़ा सागर दक्षिण चीन सागर है जबकि सबसे बड़ी झील कैस्पियन सागर है। 

वर्तमान में महासागरों की संख्या कुल 5 है जो निम्नलिखित है

-प्रशांत महासागर
-अटलांटिक महासागर
-हिंद महासागर
-आर्कटिक महासागर
-दक्षिण महासागर

खाड़ी - खाड़ी वह जल राशियां है जो महाद्वीपों के आंतरिक भाग में सागर तक से जुड़ी हुई होती है अर्थात सागर तटीय भागों में महाद्वीपों में समाई हुई जल राशियां खाड़ी कहलाती हैं। 

 गल्फ संकीर्ण जल राशि क्षेत्र है जिनके मुंह आने की चौड़ाई आंतरिक लंबाई की तुलना में कम पाई जाती है। 

Bay के मुहाने की चौड़ाई आंतरिक लंबाई के समान होती है। 

बाइट के मुहाने की चौड़ाई आंतरिक लंबाई की तुलना में अधिक होती है इसलिए इसको खुली हुई खाड़ियां भी कहा जाता है।  

जल संधि - विशाल जल राशियों को जोड़ने वाली संख्या जलवा सी जलसंधि या जलडमरूमध्य कहलाती है। 
   जैसे-  पाक जलसंधि , पास जलसंधि आदि। 

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