परमाणु एवं उसकी संरचना (Atom and its Structure)

परमाणु एवं उसकी संरचना (Atom and its Structure)

      परमाणु शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम भारत के महर्षि कणाद ने छठी शताब्दी ई0पू0 में किया।

      यूनान के वैज्ञानिकों ने लगभग चौथी शताब्दी ई0पू0 में एटम (Atom) शब्द का प्रयोग किया।

      1808 ई0 मे ब्रिटेन के वैज्ञानिक जाॅन डाल्टन ने सर्वप्रथम परमाणु सिद्धांत का प्रतिपादन किया। डाल्टन के अनुसार, परमाणु किसी पदार्थ का सबसे सूक्ष्मतम कण होता है जो अविभाज्य शाश्वत होता है।

      बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में किये गये प्रयोगों के आधार पर वैज्ञानिकों ने परमाणु को विखण्डित कर डाल्टन के ‘परमाणु के अविभाज्य होने के सिद्धान्त’ को गलत साबित कर दिया है।

      अभी तक परमाणु के अन्दर सौ से भी अधिक कणों की खोज की जा चुकी है, जिसमें कुछ कण स्थायी तथा कुछ कण अस्थायी प्रकृति के होते हैं।

      हाइड्रोजन को छोड़कर सभी पदार्थ परमाणुओं में इलेक्ट्रान प्रोटाॅन तथा न्यूट्रान अनिवार्य रूप से पाये जाते हैं। इन्हें परमाणु का मूल कण कहा जाता है।

परमाणु के मूल कणों का विवरण

नाम (Name)

खोजकर्ता (Discoverer)

वास्तविक द्रव्यमान (Absolute Mass)

वास्तविक आवेश (Absolute Charge)

आपेक्षिक आवेश (Relative Chaerge)

इलेक्ट्राॅन (e)

(Electron)

जे0जे0 थाॅमसन ¼1897½

9-1×10-31Kg.

-1-602×10-1 0C

-1

प्रोटाॅन (p)

(Proton)

गोल्स्टीन

1-673×10-27Kg.

+1-602×10-1 0C

-1

न्यूट्राॅन (n)

Neutron)

जेम्स चैडविक (1932)

1-675×10-27Kg.

शून्य

शून्य

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