परमाणु के अन्दर पाये जाने वाले कुछ अन्य कण

परमाणु के अन्दर पाये जाने वाले कुछ अन्य कण

पाॅजीट्रान (Positron) -यह इलेक्ट्राॅन का एक प्रतिकण होता है। इसमें इलेक्ट्राॅन के बराबर धन आवेश पाया जाता है। इस कण की खोज एण्डरस ने 1932 ई0 में की।

न्यूट्रिनो (Neutrino)-यह लगभग द्रव्यमान रहित एवं आवेश रहित कण होता है। इस कण की खोज 1932 ई0 में पाॅऊली (Pauli) के द्वारा किया गया।

मेसाॅन (Meson)-जापान के वैज्ञानिक यूकावा के द्वारा इसकी खोज 1935 ई0 में की गई। यह पाई  मेसाॅन तथा प्रकार के होते हैं, तथा यही कण नाभिक के स्थायित्व के लिए उत्तरदायी माने जाते हैं।

फर्मीआॅन -ये दो प्रकार के होते हैं जिन्हें लेप्टाॅन तथा क्वार्क कहा जाता है। ऐसा माना जा रहा है कि महाविस्फोट के समय ये कण उपस्थित थे। लेप्टाॅनों से इलेक्ट्राॅनों का, जबकि क्वार्को से प्रोटाॅन एवं न्यूट्रान का निर्माण हुआ है।

बोसाॅन (Boson)-आइन्सटीन तथा भारत के वैज्ञानिक सत्येन्द्र नाथ बोस के नाम पर इसका नाम बोसाॅन रखा गया है। ये बल वाहक (Force Carrier) कण होते हैं।

प्रतिकण (Anti-Particle)

      प्रतिकण की अवधारणा ब्रिटेन के वैज्ञानिक पाॅल डिरेक (Paul Dirac) ने 1928 ई0 में प्रस्तुत किया।

      ऐसे कण जो दूसरे कण से द्रव्यमान में समानता रखते है, किन्तु आवेश की प्रकृति, रंग या चक्रण में भिन्न होते हैं, प्रतिकण कहे जाते हैं।

      इलेक्ट्राॅन का प्रतिकण पाॅजीट्राॅन, प्रोटाॅन का प्रति-प्रोटाॅन (Anti-proton) न्यूट्राॅन का प्रति- न्यूट्रिनो होता है।

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