भारतीय न्यायपालिका - उच्चतम न्यायालय

न्यायपालिका

न्यायपालिका सरकार का महत्वपूर्ण अंग होती है ।भारत में संघीय सरकार ने एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका की स्थापना की है। अब भारत में भी उच्चतम न्यायालय का गठन किया गया है इसका काम संघ व्यवस्था की रक्षा करना है एवं यह संविधान का अभिभावक है यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षक भी हैं।

उच्चतम न्यायालय

उच्चतम न्यायालय देश के सभी न्यायालयों से ऊपर होता है उच्चतम न्यायालय का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित उच्चतम न्यायालय का गठन अनुच्छेद 124 के अंतर्गत किया गया है इस के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। एक बार नियुक्ति होने के बाद इनके अवकाश ग्रहण करने की आयु सीमा 65 वर्ष है।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश साबित कदाचार तथा असमर्थता के आधार पर संसद के प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत से पारित समावेदन के आधार पर राष्ट्रपति के द्वारा हटाए जा सकते हैं।

उच्चतम न्यायालय के प्रमुख अधिकार

उच्चतम न्यायालय अपीलीय न्यायालय है। यह एक अभिलेखीय न्यायालय है इसका आशय यह है कि इस न्यायालय के निर्णय सब जगह साक्षी के रूप में स्वीकार किए जाएंगे और इसकी प्रामाणिकता के विषय में प्रश्न नहीं उठाया जाएगा । यह मौलिक अधिकारों का रक्षक है तथा पुनर्विचार संबंधित क्षेत्राधिकार भी सर्वोच्च न्यायालय को प्राप्त है। परामर्शदात्री अधिकार भी सर्वोच्च न्यायालय को प्राप्त है परामर्श दात्री का मतलब है कि यह राष्ट्रपति को सलाह देता है परंतु राष्ट्रपति अपने विवेक के आधार  पर उसकी सलाह मानने को बाध्य नहीं होता।

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