परमाणु का नाभिकीय भाग
(Nuclear part of atom)
इसका आकार सम्पूर्ण परमाणु की तुलना में बहुत कम होता है। परमाणु के नाभिक का औसत व्यास 10-15m के बराबर होता है।
इसमें परमाणु का लगभग सम्पूर्ण द्रव्यमान केन्द्रित रहता है।
इलेक्ट्राॅन को छोड़कर सभी परमाण्विक कण (Atomic Particles) इसमें स्थित रहते है।
परमाणु का गैर-नाभिकीय भाग (Extra-Nuclear Part of Atom)
यह परमाणु के केन्द्र के चारों ओर का भाग होता है।
परमाणु का अधिकांश आयतन इसी से बना होता है।
इसमें कई कक्षायें होती हैं जिन्हें K, L, M, N... या 1,2,3,4.........इत्यादि के नाम से जाना जाता है।
नाभिक के निकटतम सेल की ऊर्जा सबसे कम तथा बाह्यतम सेल की ऊर्जा अधिकतम होती है।
प्रत्येक कक्षा (Shell) में उपकक्षायें (Subshells) होती हैं जिन्हें s, p,d एवं f अक्षरों से निरूपित करते हैं। जिनमें इलेक्ट्राॅनों की अधिकतम संख्या क्रमशः 2, 6, 10 व 14 हो सकती है।
कक्षाओं (Orbits) का आकार दीर्घवृत्तीय (Elliptical) से लेकर वृत्तीय (Circular) तक होती है।
कक्षाओं में इलेक्ट्राॅन नाभिक के चारों ओर चक्कर लगाते रहते हैं।
कक्षाओं में स्थित वह स्थान जहाँ इलेक्ट्राॅनों के प्राप्त होने की संभावनाएं सर्वाधिक होती हैं, उसे कक्षक (Orbitals) कहते हैं। कक्षक का आकार त्रिविमीय होता है।
चूँकि परमाणु सम्पूर्ण रूप से उदासीन (Neutral) होता है, इसलिए उसमें उपस्थित प्रोटाॅनों की संख्या, इलेक्ट्राॅनों की संख्या के बराबर होती है।