द्रव्यमान संख्या (Mass Number)-किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटाॅनों एवं न्यूटाॅनों के योग को द्रव्यमान संख्या (A) कहते हैं। नाभिक में उपस्थित प्रोटाॅनों तथा न्यूट्राॅनों को न्यूक्लिआॅन (Nucleaon) कहा जाता है। द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटाॅनों की संख्या (p) + न्यूट्राॅनों की संख्या (n) या A = p+n या प्रोट्रान की संख्या (p) = परमाणु क्रमांक (z)
द्रव्यमान संख्या पूर्णांक होती है।
परमाणु संख्या (Atomic Number)- किसी तत्व के परमाणु में उपस्थित प्रोटाॅनों की संख्या को उसका परमाणु संख्या या परमाणु क्रमांक कहा जाता है। परमाणु संख्या (z) = प्रोटाॅनों की संख्या (p)- उदासीन परमाणु में कुल इलेक्ट्राॅनों की संख्या
इलेक्ट्रानिक विन्यास (Electronic Configuration)
बोर-बरी योजना (Bohr-Burry Scheme)- इस योजना को बोर तथा बरी नामक वैज्ञानिकों ने 1921 ई0 में अलग-अलग प्रस्तुत किया। इस योजना के अनुसार-
किसी परमाणु की विभिन्न कक्षाओं में चक्कर लगाने वाले इलेक्ट्राॅनों की संख्या 2n2 होती है, जहाँ n कक्षा की संख्या है।
किसी परमाणु की सबसे बाहरी कक्षा में 8 से अधिक इलेक्ट्राॅन नहीं रह सकते है।
बाह्यतम कक्षा के पहले वाले कक्षा या उपांत कक्षा में 18 से अधिक इलेक्ट्राॅन नहीं रह सकते है।
बाह्य कोश में 2 इलेक्ट्राॅनों से अधिक इलेक्ट्राॅन तभी हो सकते हैं जबकि उसका पिछला कोश पूरा भर चुका हो।
बाह्य कोश से पिछले कोश में 8 इलेक्ट्राॅन तभी हो सकते हैं, जबकि उसका पिछला कोश (Shell) पूरा भर चुका हो।