70 पाइंट ग्रेडिंग इंडेक्स

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा हाल ही में यह घोषणा की गई कि राज्यों में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए 70 पॉइंट ग्रेडिंग इंडस को लांच किया गया है। 
 इसमें भारत के  राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। 

मंत्रालय द्वारा बताया गया है कि वे एनसीईआरटी की पुस्तकों को अधिक संख्या में प्रकाशित करवाएंगे क्योंकि वर्तमान समय में भारत में केवल दो करोड़ एनसीईआरटी पुस्तक में ही मौजूद हैं। 

सरकार ने इस वर्ष 6 करोड़ पुस्तकें प्रकाशित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है स्कूल के पाठ्यक्रमों में भी सुधार किया जाएगा और पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा शिक्षा की गुणवत्ता स्वास्थ्य एवं जीवन के लिए जरूरी ज्ञान संबंधी विषयों को भी शामिल किया जाएगा जिससे छात्रों का मानसिक व शारीरिक दोनों विकास संभव हो सके। 

70 प्वाइंट ग्रेडिंग इंडेक्स का कार्य राज्यों की स्कूली शिक्षा प्रणालियों की कमियों तथा कमजोरियों का आकलन करना है ताकि इनको समय रहते दूर किया जा सके और प्रत्येक स्तर पर शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक निर्णय लिए जा सकें जिससे शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जा सके। 

सरकार द्वारा इस पहल का लाभ यह होगा भारत में उन राज्यों को चिन्हित किया जा सकेगा जो शिक्षा के स्तर में मानकों को पूरा नहीं करते हैं अर्थात पिछड़े हैं जिससे उनके मानकों को पूरा करके उनके स्तर को सुधारने में सहायता मिलेगी। 

इस ग्रेडिंग इंटेक्स के माध्यम से स्कूलों में अध्यापकों की संख्या उनकी नियुक्ति स्कूल की अधोसंरचना आदि के विषय में पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। 

इस ग्रेडिंग इंटेक्स में कुल 1000 पॉइंट होंगे और प्रत्येक मानकों के लिए 10-20 पॉइंट रखे जाएंगे। 

इस सुधार कार्य के लिए राज्यों द्वारा निधि की व्यवस्था भी की जाएगी। 

इस पहल के द्वारा सम्मिलित प्रत्येक राज्य में स्कूली स्तर का पता लगाया जा सकता है और समय से उसमें सुधार करके प्रदर्शन को बेहतर किया जा सकता है। 

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