पाकिस्तान के प्रति ढीला रवैया अपनाने वाले अमेरिका ने हाल ही में एक नया रुख अतियार किया है, तथा पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि वह अपनी जमीन से आतंकवाद का खात्मा करें अन्यथा अमेरिका उसके प्रति सख्त कार्यवाही करेगा |
अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटीस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अफगानिस्तान में शांति की स्थापना के लिए पाकिस्तान के साथ एक बार और कार्य करेगा | किन्तु यदि पाकिस्तान ने आतंकी समूहों को अपना समर्थन देना नहीं छोड़ा तो उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी | जिम मैरटीस ने पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आई एस आई को आतंकवाद का समर्थक बताया तथा कहा कि आई एस आई की अपनी अलग विदेशी निति है जो संघीय सरकार से अलग है |
अमेरिका के रुख से दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने में किस प्रकार मदद मिलेगी ?
- दक्षिण एशिया में शांति की स्थापना के लिए आतंकवाद पर नियंत्रण बहुत जरुरी है | पाकिस्तान को आतंक की जन्म स्थली माना जाता है | अमेरिका के इस रुख से पाकिस्तान पर दबाव बढेगा तथा उसे आतंकवादियों को समर्थन देना सीमित करना होगा|
- अमेरिका पाकिस्तान के साथ मिलकर अफगानिस्तान में शांति की स्थापना करना चाहता है| इससे निश्चित तौर पर शांति स्थापना में मदद मिलेगी क्योंकि पाक समर्थक आतंकी संगठन अफगानिस्तान में हिंसा फैला रहे हैं|
- दक्षिण एशिया में शांति स्थापित होने से इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा | साथ ही अमेरिका के हालिया रुख से चीन के द्वारा आतंकी संगठनो को दी जाने वाली प्रत्यक्ष एवम् अप्रत्यक्ष सहायता पर नियंत्रण स्थापित करने में भी मदद प्राप्त होगी |
अमेरिका के हालिया रुख से भारत को होने वाला लाभ
- अमेरिका के हालिया रुख से भारत के ऊपर होने वाले आतंकी हमलों में कमी आ सकती है क्योंकि भारत के ऊपर होने वाले अधिकांश आतंकी हमले पाकिस्तान के द्वारा ही प्रायोजित होते है |
- पाक अधिकृत कश्मीर ने पाकिस्तान के द्वारा सैकड़ो आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाये जा रहे है | इन ट्रेनिंग कैंप को अमेरिकी दबाव में समाप्त करना होगा |
- सबसे बढ़कर अफगानिस्तान में शांति स्थापित होने से न सिर्फ भारत के द्वारा अफगानिस्तान में किये गये निवेश को सुरक्षित किया जा सकेगा बल्कि भारत को मध्य एशिया में पहुचने का आसान एवं सुरक्षित मार्ग भी प्राप्त हो जाएगा |
निष्कर्ष :-
निष्कर्षत : कहा जा सकता है कि अमेरिका के हालिया रुख से पाकिस्तान पर दबाव बढेगा तथा उसे आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाना पड़ेगा | इससे दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी तथा भारत को इससे कई लाभ होंगे |