नादिर शाह का भारत पर आक्रमण
मुहम्मद शाह के काल में घटी एक महत्वपूर्ण घटना थी - फारस के नेनेपोलियन' नादिर शाह का भारत पर आक्रमण। नादिर शाह ने 13 फरवरी 1739 ई० को करनाल (हरियाणा ) के युध्द में मुहम्मद शाह की सेना को बुरी तरह से पराजित किया। वह मात्र 37 दिन दिल्ली में रहा और 70 करोड़ रु लूट कर ले गया। उसने तीन साल तक अपने राज्य की जनता पर कोई कर नहीं लगाया। वह भारत से लौटते समय अपने साथ शाहजहां का मयूर सिंहासन ' ततख्त-ए-ताऊस' और कोगिनूर हीरा लूट कर ले गया।
अहमदशाह अब्दाली का भारत पर आक्रमण
नादिरशाह का उत्तराधिकारी उसका सेनापति अहमदशाह अब्दाली बना, जिसे दुर्रे-दुर्रानी ( युग का मोती ) कहा जाता है।
#अहमदशाह अब्दाली के भी 1747-67 ई० के बीच कई आक्रमण हुए।
# इसका पहला आक्रमण 1747 ई० में हुआ था। मानपुर या सरहिन्द के इस युध्द में मुहम्मद शाह के शहजाद अहमदशाह ने इस फारसी आआक्रमणकारी को पराजित किया था।
# मुहम्मद शाह को संगीत से काफी लगाव था। मुगल वंश के इतिहास में संगीत का सर्वाधिक विकास मुहम्मद शाह के ही शासन काल में हुआ था।
# मुहम्मद शाह को रंगीला के नाम से भी जाना जाता है। मुहम्मद शाह का मूल नाम रौशन-अख्तर था।
अहमद शाह ( 1748-54 )
# मुहम्मद शाह की मृत्यु के बाद अहमदशाह अगला शासक बना। इसने सफदरजंग को अपनी वजीर बनाया।
# इसके समय में अहमदशाह अब्दाली के कई आक्रमण हुए।
आलमगीर द्वितीय (1754-59 )
# अहमदशाह अब्दाली के बाद आलमगीर द्वितीय शासक हुआ।
# इसने गाजिउद्दीन फिरोज जंग को अपना बजीर बनाय।
# आलमगीर द्वितीय के समय की सबसे बड़ी घटना 1757 ई० का प्लासी का युध्द था जिसमें सिराजुद्दौला ( बंगाल का नवाब ) को रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना ने परास्त कर दिया।
शाह आलम द्वितीय (1759-1806 ई० )
इसका मूल नाम अली गौहर था।
शाह आलम द्वितीय के काल में कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी। 1760 ई० का वॉंडीवास का युध्द इसी के काल में हुआ जिसमेंं अंग्रेजों ने फ्रांसीसीओं को निर्णायक रूप से पराजित किया।
# 1761 ई० का पानीपत का तृतीय युध्द इसी के काल में लडा़ गया, जिन्हें अहमदशाह अब्दाली ने बुरी तरह से पराजित किया।