-1917 ईस्वी की रूसी क्रांति बीसवीं शताब्दी के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना थी । इस क्रांति ने न केवल रूस वर्न संपूर्ण विश्व पर अमिट प्रभाव स्थापित किए, इस क्रांति के परिणाम दूरगामी तथा युगांतकारी थे-
-इस क्रांति के फलस्वरूप रूस में सदियों से चले आ रहे स्वेच्छाचारी एवं निरंकुश जारशाही शासन का सफाया हो गया।
-रूस में लोकतंत्रात्मक व्यवस्था के आधार पर किसानों एवं श्रमिकों की सरकार बनी।
-इस क्रांति के परिणाम स्वरूप ग्रुप में किसानों तथा श्रमिकों का शोषण समाप्त हो गया।
-अभिजात वर्ग एवं चर्च की शक्ति का अंत हो गया।
-देश से पूजीवादी व्यवस्था समाप्त होगी तथा देश के संपूर्ण संपत्ति एवं उद्योगों पर सरकारी नियंत्रण स्थापित हो गया।
-देश के संसाधनों का प्रयोग व्यक्तिगत हित के लिए ना होकर बहुजन हिताय के लिए किया जाने लगा।
-रूस में समाज कल्याणकारी राज्य की स्थापना हुई।
-रूसी साम्राज्यवाद का अंत हो गया जो देश रूस के उपनिवेश थे उन्हें स्वतंत्रता प्रदान कर दी गई।
-सामाजिक असमानता समाप्त हो गई तथा गैर रूसी जातियों को समानता का स्तर प्राप्त हुआ तथा उन्हें भाषा एवं संस्कृति की रक्षा का अवसर भी प्राप्त हुआ।
-लेनिन के नेतृत्व में रूस में साम्यवादी शासन की स्थापना हुई।
-इस क्रांति के फलस्वरूप रूस में औद्योगिक विकास की गति तेज हो गई।
- रूस सोवियत संघ के रूप में विश्व महाशक्ति के रूप में अवतरित हुआ।