फ़्रांस में नेपोलियन की पराजय के बाद गठित वियना कांग्रेस ने इटली की राष्ट्रीय भावनाओं की उपेक्षा करते हुए प्रतिक्रियावादी तथा निरंकुश शासकों की स्थापना की ने पल्सर तथा दिल्ली में फन एंड प्रथम की सत्ता स्थापित हुई लॉन्बार्डो तथा वेनेशिया पर ऑस्ट्रिया का अधिकार हो गया वह को रूम के साथ अन्य प्रदेश भी मिले फार्मा मोड़ना एवं तस्करी पर है स्वर्ग का आधिपत्य स्थापित हुआ साड़ी लिया तथा को रिमांड में मिला दिया गया इस प्रकार इटली विभिन्न राज्यों में विभाजित था और उस पर ऑस्ट्रिया का प्रभुत्व बना हुआ था अतः इटली के एकीकरण में प्रमुख बाधाएं भी थी-
ऑस्ट्रिया का प्रमुख इटली के एकीकरण में प्रमुख बाधा थी ऑस्ट्रिया एक शक्तिशाली देश था जिसका प्रभाव इटली के विकसित राज्यों पर अधिक था।
रूम पर पोप का आधिपत्य था उसकी सत्ता समाप्त करना भी कठिन कार्य था।
इटली के शासकों में पारस्परिक इर्षा एवं वैमनस्यता वहां के एकीकरण के मार्ग में अवरोधक का कार्य कर रही थी।
यूरोप के अन्य राज्यों का इटली के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप भी उसके एकीकरण के समक्ष एक समस्या थी इनमें फ्रांस प्रमुख था।
इन समस्याओं के होते हुए भी इटली का एकीकरण हुआ जिसका मूल कारण उनमें राष्ट्रवाद की भावना का निरंतर रहा।