विटामिन की खोज लुनिन ने किया था, और विटामिन नाम फंक ने दिया था ,तथा विटामिन E वसा में घुलनशील होता है इसका रासायनिक नाम tocopherol है, इस विटामिन को एंटी विटामिन भी कहते हैं, क्योंकि यह नपुंसकता के विरुद्ध कार्य करता है ।
इसकी कमी से महिलाओं में बांझपन एवं पुरुषों में नपुंसकता तथा मांस पेशियां कमजोर हो जाती हैं । शरीर का कोई भी अंग से लकवाग्रस्त हो सकता है , बाल तेजी से गिरने लगते हैं ,और त्वचा फीकी पड़ जाती है, इस विटामिन को सुंदरता का विटामिन भी कहते हैं।
यह विटामिन की कमी से त्वचा में निखार आने लगती है, इसलिए इसे beauty विटामिन भी कहते हैं, इसका प्रयोग अधिकतर सौंदर्य प्रसाधन को बनाने में प्रयोग किया जाता है।
इस विटामिन में एंटीऑक्सीडेंटल के गुण पाए जाते हैं, और हमारे शरीर में केवल विटामिन D और K बनता है जो शरीर में मुक्त मूलक या फ्री रेडिकल्स के निर्माण को रोकते हैं । जिस कारण कोशिकाओं की उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहती है और यह हमें बुढ़ापे से भी बचाती हैं ।और ये कैंसर कोशिकाएं को भी आसानी से विकसित नहीं होने हैं , इसलिए इससे एंटी कैंसरस विटामिन भी कहा जाता है ,चुकी यह वसा में घुलनशील विटामिन है यह अंकुरित गेहूं में पाया जाता है क्योंकि भ्रूण में ही तेल या वसा पाया जाता है इसके अलावा तेल, अंडा,सोयाबीन, दूध ,मक्खन, हरी सब्जी,जिसमे विटामिन E उपस्थित होता है, इसका मुख्यय कार्य सामान्य जनन है।