* 1502ई० में वास्कोडिगामा दुबारा भारत आया। इस बार उसने पूर्वी जगत के काली मिर्च और मसालों के व्यापार पर एकाधिकार प्राप्त करने हेतु 1503 ई० में कोचीन में पुर्तगालियों की पहली फैक्ट्री या कोठी या कारखाना की स्थापना की।
* पुर्तगालियों की दूसरी फैक्ट्री कन्नानोर में स्थापित हुई।
* भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का पहला गवर्नर बनकर फ्राँसिस्को-डी-अल्मीडा आया था। उसने यहाँ पर 1505 ई० से 1509 ई० तक शासन किया। इसने भारत के सम्बन्ध में जिस नई नीति का प्रयोग किया उसे BLUE WATER POLICY या नीले पानी की नीति कहा गया। इसके अन्तर्गत अल्मीडा का मुख्य उद्देश्य अपने आप को समुद्री क्षेत्र में मजबूती से स्थापित करना था।
** उल्लेखनीय है कि पुर्तगालियों ने अपने, जिस एक सामुद्रिक राज्य की स्थापना की उसे Estado-de-India कहकर पुकारा गया।
** 1509 ई० में अल्बुकर्क पुर्तगालियों का दूसरा गवर्नर बनकर भारत आया।
उसे भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। उसने कोचीन को अपना मुख्यालय बनाया।
* अल्बुकर्क ने ही नवम्बर 1510ई० में गोवा नामक प्रसिध्द बन्दरगाह को बीजापुर के शासक यूसुफ आदिलशाह से छीन लिया, जो कि 1530ई० में कोचीन के स्थान पर पुर्तगालियों की गतविधियों का मुख्य केंद्र बना।
* अल्बुकर्क का समकालीन विजयनगर साम्राज्य का शासक कृष्णदेवराय ( 1509-29 ई०) था, जसके साथ अल्बुकर्क के अच्छे संबंध थे।
* कृष्णदेवराय ने अल्बुकर्क को भटकल नामक स्थान पर किले निर्माण की स्वतंत्रता प्रदान कर दी थी, इसके लिए प्रसिध्द पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस ने कृष्णदेवराय की भुरि-भूरि सी प्रसंशा की।
* अल्बुकर्क ने भारत में पुर्तगालियों के सामाजिक आधार को विस्तृत करने के लिए निम्न वर्ग के पुर्तगालियों को भारत के स्थानीय महिलाओं के साथ विवाह करने के लिए प्रेरित किया।
* अल्बुकर्क ने सती प्रथा को भी समाप्त करने का प्रयास किया। इस प्रकार पुर्तगालियों का इन सब गतविधियों की वजह से प्रभाव दिनानुदिन बढता गया।
** पुर्तगालियों ने ही भारत में सर्वप्रथम प्रिंटिंग प्रेस का उपयोग किया। इसने ही भारत में जहाँगीर के शासन काल में तम्बाकू की खेती का प्रारंभ किया। इसने भारत में 'गोथिक' स्थापत्य कला का भी प्रचलन किया।
* इसने दक्षिण भारत में पहली बार गोगोला-बारूद का उपयोग और जहाज निर्माण उधोग की शुरुआत की।
***. इसी ने भारत में मूंगफली, तंबाकू, आलू, लाल मिर्च, मकई, टमाटर, शकरकंद, रबर, चीकू, काजु, अमरूद, अनन्नास और शरीफा की खेती प्रारंभ की।