दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 : लोक अभियोजक - 02

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 : लोक अभियोजक - 01 के आगे

  • स्मरणीय रहे कि लोक अभियोजक का पद एक लोक पद होता है अतः इस पद की बाबत कोई भी रिट भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के अधीन दायर की जा सकती है।
  • लोक अभियोजक की नियुक्ति साधारणतया धारा 24(3) के अधीन की जाएगी किन्तु जहाँ पर राज्य सरकार किसी मामले या किसी श्रेणीगत मामले के संचालन के लिए लोक अभियोजक नियुक्त करती है, तो उक्त नियुक्ति धारा 24(8) के अधीन विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति मानी जाएगी।
  • धारा 24 की उपधारा (8) में एक परन्तुक जोड़ा गया है जिसके द्वारा न्यायालय को यह शक्ति प्रदान की गयी है कि पीड़ित व्यक्ति इस उपधारा के अन्तर्गत अभियोजन की सहायता के लिये अपने पसंद के किसी अधिवक्ता को नियुक्त कर सकेगा।
  • धारा 25 के अनुसार – राज्य सरकार प्रत्येक जिले में मजिस्ट्रेटों के न्यायालय में अभियोजन का संचालन करने के लिए एक या अधिक सहायक लोक अभियोजक नियुक्त करेगी।
  • जब किसी मामले के संचालन के लिए सहायक लोक अभियोजक उपलब्ध न हो, तो उस दशा में जिला मजिस्ट्रेट किसी अन्य व्यक्ति को किसी मामले के भारसाधक लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त कर सकती है किन्तु इस तरह की नियुक्ति केवल एकल मामलें के लिए होगी न की साधारण नियुक्ति।
  • केन्द्रीय सरकार मजिस्ट्रेट के न्यायालय में किसी मामले या किसी वर्ग के मामलों के संचालन के प्रयोजनों के लिए एक या अधिक सहायक लोक अभियोजक नियुक्त कर सकती है।

(दण्ड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियन, 1978 सं. 45 की धारा 9 द्वारा अन्तः स्थापित)

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