धारा 25(क) अभियोजन निदेशालय -
- राज्य सरकार एक अभियोजन निदेशालय स्थापित कर सकती है जिसमें एक अभियोजन निदेशक और उतने ही अभियोजन उप-निदेशक होंगे जितने वह ठीक समझे।
- कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक या उप-अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए तभी पात्र होगा यदि वह अधिवक्ता के रूप में कम से कम 10 वर्ष तक व्यवसाय में रहा है और ऐसी नियुक्ति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से की जाएगी।
- अभियोजन निदेशालय का प्रधान अभियोजन निदेशक होगा जो राज्य में गृह विभाग के प्रधान के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कृत्य करेगा।
- प्रत्येक अभियोजन उप-निदेशक अभियोजन निदेशक के अधिनस्थ होगा।
- प्रत्येक लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक, जो राज्य सरकार द्वारा धारा 24 की, यथास्थिति उप धारा (1) या उपधारा (8) के अधीन उच्च न्यायालयों में मामलों का संचालन करने के लिए नियुक्त किए जाएंगे जो अभियोजन निदेशक के अधिनस्थ होंगे।
- अभियोजन निदेशक और अभियोजन उप-निदेशकों की शक्तियां तथा कृत्य तथा वे क्षेत्र जिनके लिए प्रत्येक अभियोजन निदेशक नियुक्त किया जाएगा, ऐसे होंगे जो राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे।
- लोक अभियोजक के कृत्यों का पालन करने में, इस धारा के उपबंध राज्य महाधिवक्ता को लागू नहीं होंगे।