अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी

*प्रथम कृत्रिम उपग्रह- 4 अक्टूबर 1957 को रूस ने प्रथम कृत्रिम उपग्रह स्पुतनिक -1 को पृथ्वी की कक्षा मे सफलतापूर्वक स्थापित किया । अंतरिक्ष विज्ञान के समुच्चय इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण घटना थी ,यहां 96 मिनट में धरती की एक परिक्रमा कर लेता था ,92 दिनों तक यह धरती की कक्षा में घूमता रहा और इसने पृथ्वी की 1400 क्रमांक पूरा किया। 3 नवंबर 1957 को रूस ने अपना दूसरा उपग्रह स्पूतनिक - 2 अंतरिक्ष में भेजा इस उपग्रह में लाइका नामक एक कुत्तिया भी भेजा , इन कुछ प्रारंभिक प्रयासों के बाद मानव सहित यान भेजने की चेष्टा की गई रूस ने वोस्तोक धरती की परिक्रमा के लिए 12 अप्रैल 1961 को प्रक्षेपित किया था,  इसमें मेजर यूरी गागरिन भी सवार थे, पृथ्वी की एक परिक्रमा करके वह सब कुशल धरती पर वापस लौट आये ,इस प्रकार गागरिन को संसार की प्रथम अंतरिक्ष यात्री होने का श्रेय मिला गागरिन इस यात्रा में कुल 1 घंटा 48 मिनट तक अंतरिक्ष में रहे।

प्रथम चंद्र अवतरण- इसी क्रम में मानव चांद पर भी पहुंचा , यह कामयाबी अमेरिका के 'अपोलो' अभियान के दौरान हासिल हुआ, अपोलो अभियान 'अपोलो-7' को 1969 को आरंभ हुआ, और 'अपोलो 17' (1972) से अवसान को प्राप्त हुआ, अपोलो 11 इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण चरण है जिसके तहत मानव चांद पर कदम रखा यह ऐतिहासिक उड़ान 16 जुलाई 1969 को आरंभ हुआ यह 24 जुलाई 1969 को रात 09:30 पर समाप्त हुआ, इस यात्रा में नील आर्मस्ट्रांग, एडविन  एल्डिन जूनियर और माइकल कौलिंस थे, पहले दो यात्रियों ने सबसे पहले चंद्रमा तल पर अपने पैर रखे तीसरे यात्री कौलिंस यान में चंद्रमा की परिक्रमा करते रहे।

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