भारत में गरीबी समस्या ( भाग 2)

*भारत में बेरोजगारी के कारण-
                                           यद्यपि बेरोजगारी की समस्या एक सामान्य सामाजिक आर्थिक समस्या है। परंतु भारत में इसके कारण विकसित देशों की तुलना में भिन्न है।
1. भारत में बेरोजगारी के सबसे महत्वपूर्ण कारक के रूप में रोजगार विहीन और आर्थिक वृद्धि को माना जाता है। भारत में राष्ट्रीय आय में वृद्धि दर की तुलना में रोजगार की सृजन पर्याप्त रूप में नहीं हुआ।
2. श्रम शक्ति में होने वाली वृद्धि रोजगारी के दूसरे महत्वपूर्ण कारण के रूप में जानी जा सकती है जो जनसंख्या वृद्धि से संबंधित है।
3. आयुक्त तकनीकी बेरोजगारी के अन्य जिम्मेदार कारक के रूप में मानी जा सकती है। क्योंकि पूंजी की कमी के कारण उन्नत तकनीक का प्रयोग संभव नहीं है जिससे औघोगिक विकास प्रभावित होता है।
4. शिक्षा प्रणाली का दोषपूर्ण होना बेरोजगारी की समस्या का एक अन्य महत्वपूर्ण कारण मॉडल के अनुसार भारत में शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य मानवीय संसाधनों का विकास करना नहीं है।
मूल्यांकन-
               यदि भारत सरकार के रोजगार संबंधी नीतियों का मूल्यांकन करें तो इस समस्या को पांचवी और छठी योजना के पहली बार महत्त्व दिया गया और छठी पंचवर्षीय योजना में बेरोजगारी निवारण के सर्वाधिक कार्यक्रम चलायें गए। छठी योजना में बेरोजगारी के संबंध में जो योजना चलायें गए थे। वह मुख्य रूप से ग्रामीण गरीबी निवारण के लिए थे।
 

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