प्रधानमंत्री के मंत्रिपरिषद में मंत्रियों के प्रकार (Types of Ministers in Prime Minister's Council of Ministers)

प्रधानमंत्री के मंत्रिपरिषद में मंत्रियों के प्रकार

प्रधानमंत्री के अलावा कैबिनेट, राज्यमंत्री व उपमंत्री सामूहिक रूप से मंत्री परिषद कहा जाता है। संविधान में मंत्रिपरिषद के सदस्यों को विभिन्न भागों में वर्गीकृत नहीं किया गया है। इंग्लैंड की पद्धति के आधार पर इसे अनौपचारिक रूप से अपनाया गया है।
=> मंत्रियों के प्रकार
1) कैबिनेट मंत्री
2) राज्य मंत्री
3) उपमंत्री

1) कैबिनेट :- कैबिनेट, मंत्रियोंं का समूह है जो भारत सरकार  के प्रशासन की सबसे सर्वोच्च इकाई है। यह सरकार की नीतियों का संचालन करती है तथा इसके सदस्य अपने विभागों (मंत्रालयों) के अध्यक्ष होते हैं।
• कैबिनेट शब्द मूल संविधान में नहीं था बल्कि इसे 44 वें संविधान संशोधन 1978 के द्वारा अनुच्छेद 352 में इस शब्द को शामिल किया गया।
• आपातकाल लागू करवाने के लिए राष्ट्रपति को भेजीे जाने वाले लिखित अनुशंसा पर कैबिनेट मंत्रियों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है।
• कैबिनेट मंत्रियों के कार्य में मदद के लिए राज्य मंत्री और उप-मंत्री की नियुक्ति की जाती है।

2) राज्य मंत्री
इन्हें कैबिनेट की बैठकों में भाग लेने का अधिकार प्राप्त नहीं है। यह दो प्रकार के है:-
A) स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री
ब) वे राज्य मंत्री जिन्हें  स्वतंत्र प्रभार नहीं दिया गया है।

स्वतंत्र प्रभार का मंत्री अपने विभाग का प्रमुख होता है जबकि बिना स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री कैबिनेट मंत्री के अधीन कार्य करते हैं।

3) उपमंत्री
उपमंत्री जूनियर मंत्री होता है जो किसी कैबिनेट मंत्री या स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के अधीन कार्य करते हैं।

# = मंत्री परिषद:- प्रधान मंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री को सामूहिक रूप से मंत्री परिषद कहते हैं।

# = मंत्रिमंडल केवल कैबिनेट मंत्रियों के समूह को मंत्रिमंडल कहा जाता है।
आकार में मंत्री परिषद बड़ी होती है एवं मंत्रिमंडल से छोटा। परन्तु मंत्रिमंडल अधिक शक्तिशाली होता है क्योंकि वहीं शासन की नीति का  संचालन करता है।

Posted on by